Begusarai Ganga Erosion News: बेगूसराय में गंगा नदी के भीषण कटाव से 20 आशियाने नदी में समाए, लोगों पर मंडराया बड़ा संकट
बिहार के बेगूसराय जिले के बछवाड़ा प्रखंड क्षेत्र से गंगा नदी के भीषण कटाव की भयावह तस्वीर सामने आई है. चिरैयाटोक इलाके में लगातार हो रहे तीव्र कटाव के कारण अब तक करीब 20 आशियाने गंगा नदी की तेज धार में समा चुके हैं. विशनपुर पंचायत के वार्ड संख्या 10 से 15 तक के छह वार्डों की बड़ी आबादी पर कटाव का गंभीर संकट मंडरा रहा है. अपने अस्तित्व, जमीन और घरों को बचाने के लिए बेबस स्थानीय लोग जिला प्रशासन से तुरंत ठोस और कड़े कदम उठाने की गुहार लगा रहे हैं.
गंगा नदी के जलस्तर और तेज बहाव से इलाके की भौगोलिक स्थिति तेजी से बदल रही है. पिछले कुछ दिनों के भीतर ही 20 से अधिक रिहायशी मकान कटकर नदी में समा चुके हैं. बीते 15 दिनों के भीतर गंगा नदी ने 400 मीटर अंदर तक का भू-भाग निगल लिया है, जिससे लोग अपना घर खाली कर सुरक्षित स्थानों की ओर शरण लेने को मजबूर हैं. विशनपुर पंचायत के वार्ड नंबर 10, 11, 12, 13, 14 और 15 में कटाव के कारण सुरक्षा और आवास का भारी संकट उत्पन्न हो गया है.
🔍 केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और डीएम रिची पाण्डेय के निर्देश पर पहुंची जांच टीम
सांसद प्रतिनिधि प्रभाकर कुमार राय ने स्थानीय सांसद सह केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और बेगूसराय के जिलाधिकारी रिची पाण्डेय को मौके की विकराल स्थिति से अवगत कराया. केंद्रीय मंत्री की पहल पर जिलाधिकारी के निर्देश के बाद जल संसाधन विभाग की तकनीकी टीम को तुरंत मौके पर निरीक्षण के लिए भेजा गया.
🛥️ नाव से कटाव स्थल का मुआयना, बोल्डर पिचिंग और पुनर्वास की मांग
जल संसाधन विभाग (दलसिंहसराय) के कार्यपालक अभियंता नवीन कुमार अपनी पूरी टीम के साथ कटाव प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे. उन्होंने नाव के जरिए नदी के बहाव और कटाव वाले तटबंधों का बारीकी से मुआयना किया. अधिकारियों ने प्रभावित ग्रामीणों और स्थानीय नागरिक लक्ष्मनं सिंह समेत अन्य लोगों से बातचीत कर उनके नुकसान का आकलन किया. निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने माना कि कटाव रोकने के लिए तुरंत ‘बोल्डर पिचिंग’ कराने और बेघर हुए परिवारों के स्थायी पुनर्वास की सख्त आवश्यकता है.
⚠️ राहत कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद, सहमे हुए हैं ग्रामीण
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते मजबूत बचाव कार्य शुरू नहीं हुआ तो पूरा गांव नदी में विलीन हो जाएगा. जिलाधिकारी रिची पाण्डेय और जल संसाधन विभाग की इस संयुक्त पहल के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि कटाव रोधी कार्य जल्द शुरू होंगे और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा व सहायता मिलेगी.
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