Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Balodabazar News: किराना दुकान की आड़ में गांजा बेच रहा दुकानदार गिरफ्तार, 978 ग्राम गांजा जब्त Durga Navnirman Samiti Durg: नवरात्रि उत्सव के दौरान गरबा पंडाल में मचा बवाल, पुलिस के पहुंचने से पह... Dhamtari News Update: हाईकोर्ट के आदेश के 6 साल बाद भी पुनर्वास का इंतजार, गंगरेल जल सत्याग्रह पर बन... Kankey Robbery Case: 41 लाख नकद और गहनों की डकैती का खुलासा, पुलिस ने की ताबड़तोड़ छापेमारी Civil Surgeon Bokaro Meeting: कंपनी प्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ वार्ता बेनतीजा, दो दिन का अल्ट... Jharkhand 108 Ambulance Strike: 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, 16 अक्टूबर को राज्यव्यापी ... Jharkhand Puja News: अल्बर्ट एक्का चौक पर बना भव्य द्वारका धाम पंडाल, बुजुर्गों के लिए व्हीलचेयर समे... Inspire Award Manak 2026: इंस्पायर अवार्ड में झारखंड का ऐतिहासिक प्रदर्शन, पूरव जैन ने जीता सिल्वर म... School Dropout Survey Jharkhand: 3 से 18 साल के बच्चों का होगा सर्वे, 10 नवंबर 2026 से शुरू होगा अभि... Dhanbad Durga Puja 2026: हीरापुर के झारखंड मैदान में सजेगा भव्य शीश महल, अंडमान-निकोबार की संस्कृति ...

Dhanbad Durga Puja 2026: हीरापुर के झारखंड मैदान में सजेगा भव्य शीश महल, अंडमान-निकोबार की संस्कृति की दिखेगी झलक

1

धनबाद। इस बार दुर्गापूजा के पावन अवसर पर धनबाद के हीरापुर स्थित झारखंड मैदान में आस्था, कला और पर्यावरण संरक्षण का बेहद अनूठा संगम देखने को मिलेगा। यहां करीब 32 लाख रुपये की लागत से ‘शीश महल’ की थीम पर एक भव्य और आकर्षक पूजा पंडाल तैयार किया गया है। इस पंडाल की सबसे बड़ी और खास विशेषता अंडमान-निकोबार की आदिवासी परंपरा और संस्कृति को कलात्मक रूप से दर्शाना है, जो श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

🌱 प्लास्टिक मुक्त और पूरी तरह इको-फ्रेंडली: बांस, जूट और प्राकृतिक पत्तों से की गई है अद्भुत सजावट

आधुनिक चकाचौंध और कृत्रिम सजावट के दौर में झारखंड मैदान का यह पंडाल पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल (इको-फ्रेंडली) स्वरूप में तैयार किया गया है। इसे बनाने में बांस, बांस की चटाई, होगला पत्ता, जूट, नारियल के छिलके और विभिन्न प्राकृतिक पत्तों जैसी सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया है। कुशल कारीगरों ने अपने हाथों से इन प्राकृतिक संसाधनों को तराश कर बेहद बारीक और आकर्षक कलाकृतियां गढ़ी हैं। आयोजकों का मुख्य उद्देश्य केवल भव्यता प्रदर्शित करना नहीं, बल्कि जन-जन तक पर्यावरण संरक्षण का सकारात्मक संदेश पहुंचाना है।

🌍 धार्मिक उत्सव के साथ संस्कृति और प्रकृति का संदेश: अंडमान-निकोबार की झलक ला रही है नया रोमांच

इस पंडाल के माध्यम से श्रद्धालुओं को अंडमान-निकोबार की जनजातीय जीवनशैली और उनकी समृद्ध विरासत को करीब से जानने का अवसर मिल रहा है। यह पहल यह साबित करती है कि आस्था और उल्लास के पर्वों को प्रकृति को नुकसान पहुंचाए बिना भी अत्यंत भव्य और यादगार बनाया जा सकता है। प्राकृतिक सामग्रियों से सजे इस भव्य पंडाल को देखने के लिए धनबाद समेत आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.