Panipat Jain Muni Vrat: पानीपत में जैन मुनि का टूटा उपवास, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने देर रात पहुंचकर खुद खुलवाया व्रत
हरियाणा के पानीपत से एक बेहद खास खबर सामने आई है, जहाँ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सोमवार देर रात करीब 12 बजे गांधी मंडी स्थित एसएस जैन सभा के जैन स्थानक पहुँचे। यहाँ उन्होंने जैन मुनि डॉ. राजेश महाराज से मुलाकात की और अपने हाथों से उनका अभिग्रह (व्रत) खुलवाया। दरअसल, मुनि ने कड़ा संकल्प लिया था कि जब तक मुख्यमंत्री स्वयं उनसे मिलने नहीं आएंगे, तब तक वे अन्न-जल ग्रहण नहीं करेंगे और अपना उपवास नहीं खोलेंगे।
⏳ मुख्यमंत्री का कार्यक्रम रद्द होने के बाद जारी रखा था उपवास
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 9 अक्टूबर को मुख्यमंत्री का अभिग्रह महोत्सव में शामिल होने का कार्यक्रम तय था, लेकिन किन्हीं कारणों से वह अंतिम समय में रद्द हो गया था। मुख्यमंत्री के न पहुँच पाने के कारण मुनि की प्रतीक्षा लंबी हो गई थी।
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अभिग्रह का संकल्प: एसएस जैन सभा की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, डॉ. राजेश मुनि महाराज ने 8 अक्टूबर को अभिग्रह लिया था और 9 अक्टूबर को इसके पूरा होने पर पारणा निर्धारित था।
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पुनः आमंत्रण: कार्यक्रम रद्द होने के बाद जैन समाज ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दोबारा आमंत्रित किया था और गांधी मंडी स्थित जैन स्थानक आकर मुनि का संकल्प पूरा कराने का आग्रह किया था, जिसे स्वीकार करते हुए सीएम सैनी देर रात उनके पास पहुँचे।
📜 27 साल की उम्र में ली थी दीक्षा, कई विश्व रिकॉर्ड हैं दर्ज
52 वर्षीय डॉ. राजेश महाराज ने मात्र 27 वर्ष की आयु में दीक्षा ग्रहण कर ली थी। उनके अनुयायियों के अनुसार, वे पिछले करीब 20 वर्षों में लगभग 2500 अभिग्रह पूरे कर चुके हैं। जैन धर्म में किसी विशेष उद्देश्य या साधना के लिए कड़े नियमों का पालन करते हुए संकल्प लेना ‘अभिग्रह’ कहलाता है। इसके अलावा, मुनि श्री पांच विश्व रिकॉर्ड बनाने का दावा भी करते हैं और वे अब तक 3500 से अधिक पेंटिंग व ड्राइंग बना चुके हैं। उन्होंने पानीपत में 20,870 लोगों से नशामुक्ति के संकल्प पत्र भरवाने में भी अहम भूमिका निभाई है।
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