MP Education Department Update: वर्ष 2001 से पहले नियुक्त शिक्षाकर्मियों को बड़ा फायदा, हाईकोर्ट ने दिए अहम निर्देश
मध्य प्रदेश के हजारों शिक्षकों के लिए एक बहुत ही राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के करीब 45 हजार शिक्षकों के प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है, जिसके संबंध में जबलपुर हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक आदेश जारी किया है। अदालत के इस फैसले के अनुसार, वर्ष 2001 से पहले नियुक्त किए गए शिक्षाकर्मियों और शिक्षकों के प्रमोशन के लिए अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता बाधा नहीं बनेगी।
📜 19 शिक्षकों ने दायर की थी याचिका: वर्ष 1997 से 1999 के बीच नियुक्त शिक्षकों को मिलेगा सीधा लाभ
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रदेश के 19 शिक्षकों ने प्रमोशन से जुड़ी समस्याओं को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह अहम फैसला सुनाया है। इस न्यायिक आदेश से मुख्य रूप से वर्ष 1997 से 1999 के बीच नियुक्त हुए शिक्षकों को बड़ा लाभ मिलने की पूरी उम्मीद है। अदालत ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वह इस पूरे मामले पर गंभीरता से विचार करते हुए आगामी 60 दिनों के भीतर उचित और व्यावहारिक निर्णय ले।
🔍 सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले के बीच हाईकोर्ट की राहत: शासन स्तर पर जल्द होगी कार्रवाई
गौरतलब है कि इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में शिक्षण पदों पर प्रमोशन के लिए टीईटी (TET) को अनिवार्य बताया था, जिसके कारण पुराने शिक्षकों के प्रमोशन फंस गए थे। हालांकि, जबलपुर हाईकोर्ट के इस नए आदेश से वर्षों से सेवा दे रहे वरिष्ठ शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। इस आदेश के बाद अब शिक्षा विभाग और शासन स्तर पर आगामी कार्रवाई तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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