Atar Singh Bhadana Murder Case: पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड में बड़ा खुलासा, शरीर पर मिले 40 चोट के निशान
राजस्थान के भरतपुर के भौंडा गांव में खनन विवाद के चलते हुई भाजपा के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या के मामले में एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि अतर सिंह भड़ाना के शरीर पर करीब 40 जगहों पर गंभीर चोटों के निशान थे। उनके सिर पर किसी भारी और नुकीली चीज से वार किया गया था, जिससे उनकी हड्डी टूट गई थी। डॉक्टरों के अनुसार, सिर में गहरी चोट लगने और अत्यधिक खून बहने के कारण उनकी मौत हुई। इस घटना के बाद से राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
⚠️ पुलिस की बड़ी नाकामी: धमकी के बावजूद नहीं मिली सुरक्षा
परिजनों और जानकारों का कहना है कि इस हत्याकांड के पीछे पुलिस की बड़ी लापरवाही है।
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पहले दी गई थी शिकायत: हत्या से कुछ दिन पहले यानी 27 सितंबर को ही अतर सिंह भड़ाना ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी कि उन्हें खान पर फायरिंग कर जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने पुलिस को साफ बताया था कि उन्हें चेतावनी दी गई है कि यदि वे खदान पर आए तो उन्हें जिंदा नहीं छोड़ा जाएगा।
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पुलिस की देरी: रविवार शाम करीब सात बजे जब भड़ाना पर हमला हुआ, तो घटनास्थल से महज तीन किलोमीटर दूर होने के बावजूद पुलिस को वहां पहुंचने में सवा घंटे का समय लग गया।
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कार्रवाई: इस मामले में पुलिस ने 94 से अधिक लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए 25 विशेष टीमें छापेमारी कर रही हैं।
🕊️ अंतिम संस्कार और सीबीआई जांच की मांग
सोमवार को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अतर सिंह भड़ाना का शव उनके परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव पाली (फरीदाबाद, हरियाणा) में गमगीन माहौल में किया गया। शोकाकुल परिजनों ने इस हाई-प्रोफाइल और सनसनीखेज हत्या की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई (CBI) जांच की मांग उठाई है। उल्लेखनीय है कि विवाद का मुख्य कारण पट्टे के रास्ते और खनन क्षेत्र को लेकर था, जो पिछले दो साल से स्थानीय स्तर पर सुलग रहा था।
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