Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
BSF Attari Border News: अटारी सीमा पर रिट्रीट सेरेमनी का नया शेड्यूल जारी; शाम 5:30 बजे शुरू होगी पर... Batala Viral Video: गुरु नानक देव जी के विवाह पर्व में ट्रैक्टर स्टंट पड़ा भारी; तेज रफ्तार में पलटा... Dubai Visa Fraud: 90 हजार में दुबई भेजा, छीना पासपोर्ट और मुर्गीखाने में रखा! जालंधर के पीड़ित ने सु... Amritsar Flooding Alert: तरनतारन रोड के पास नहर टूटने से मचा हड़कंप; मिट्टी की बोरियों से दरार भरने ... Punjab Gold Silver Price Today: पंजाब में उछले सोना-चांदी के दाम; जालंधर में 24 कैरेट सोना ₹1.58 लाख... Ferozepur Central Jail: केंद्रीय जेल फिरोजपुर में फिर चला तलाशी अभियान; 10 और मोबाइल फोन बरामद, कैदि... Etah Fake University Scam: एटा में चायवाले के नाम पर चल रही थी फर्जी यूनिवर्सिटी; भेद खुला तो प्रिंस... Bihar Flood Relief: सीएम सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दान दी एक महीने की सैलरी; नितिन नब... Durg News Today: फेसबुक पोस्ट पर बवाल; भिलाई-3 थाने पहुंचे कांग्रेसी, भाजयुमो नेता पर FIR और गिरफ्ता... Agra Mahakumbh Ambikapur: सीएम विष्णु देव साय ने किया 'अग्र महाकुंभ 2026' का शुभारंभ; अग्रवाल समाज क...

बिहार में 6 अक्टूबर के बाद चुनाव की घोषणा, अधिकारियों की पोस्टिंग पर EC ने दिया आदेश

24

बिहार में विधानसभा चुनावों को लेकर सरगर्मी तेज हो चली है. इस बीच चुनाव आयोग की तरफ से चुनाव तारीखों को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. आयोग 6 अक्टूबर के बाद तारीखों का ऐलान कर सकता है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि तीन साल से एक ही जगह तैनात अधिकारियों का तबादला होगा और कोई भी अधिकारी अपने गृह जिले में तैनात नहीं रहेगा. चुनाव तारीखों के ऐलान से पहले 30 सितंबर को फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जा सकती है.

आयोग ने अपने पत्र में साफ लिखा है कि प्रदेश के सभी विभागों के अधिकारियों और स्टाफ के ट्रांसफर की प्रक्रिया 6 अक्टूबर तक हर हाल में पूरी कर ली जाए. इसके बाद पूरी रिपोर्ट आयोग के पास पेश की जाए.

चुनाव आयोग के इस लेटर के बाद तय है कि 6 अक्टूबर के बाद भी कभी भी चुनाव तारीखों का ऐलान किया जा सकता है. चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए चुनाव आयुक्त भी बिहार का दौरा कर सकते हैं.

अधिकारियों को नहीं मिलेगी गृह जिले में तैनाती

चुनाव आयोग बिहार में चुनाव से पहले एक्शन मोड में नजर आ रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि आयोग ने साफ किया कि में तीन साल से एक ही जगह पर तैनात अधिकारियों के ट्रांसफर किए जाएंगे. इसके साथ ही कोई भी चुनाव अधिकारी अपने गृह जिले में तैनात नहीं रहेगा. इसके साथ ही 6 अक्टूबर तक रिपोर्ट पेश करने का आदेश भी दिया है.

अधिकारियों का चुनाव से पहले ट्रांसफर करना एक रूटीन प्रक्रिया है. हालांकि इसके पीछे एक वजह ये भी होती है कि चुनाव में किसी तरह का कोई पक्षपात या फिर दबाव ना दिखे. यही कारण है कि लंबे समय से एक जगह पर तैनात अधिकारियों का ट्रांसफर किया जाता है.

दो-तीन चरणों में हो सकता है चुनाव

बिहार में मौजूदा सरकार का कार्यकाल नवंबर तक है. ऐसे में साफ है कि आने वाले कुछ ही दिनों में तारीखों का ऐलान किया जा सकता है. ऐसा माना जा रहा है कि नवंबर के पहले हफ्ते में चुनाव की शुरुआत हो सकती है.

पिछले विधानसभा चुनाव में तीन चरणों में चुनाव हुए थे. पहले चरण की वोटिंग 28 अक्टूबर को कराई गई थी, जबकि दूसरे चरण की वोटिंग 3 नवंबर और तीसरे चरण की वोटिंग 7 नवंबर को हुई थी. ऐसे में इस बार भी ये माना जा रहा है कि चुनाव दो से तीन चरणों में पूरा कराया जाएगा.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.