Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Bhopal News: सीएम मोहन यादव का अनूठा अंदाज, मंडला दौरे पर स्कूल बच्चों के बीच पहुंचे और की आत्मीय बा... MP Crime News: सीमेंट कंटेनर में छुपकर लाई जा रही थी अंग्रेजी शराब, राजस्थान का तस्कर गिरफ्तार MP BJP Update: मंत्री नागर सिंह चौहान और संपतिया उइके विवाद पर प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का बड़ा... MP Politics: मुख्यमंत्री पद, बंगला और ट्रांसफर-पोस्टिंग... जानिए कांग्रेस सरकार गिरने के पीछे की अंद... Bhopal News: सीएम मोहन यादव की अपील, 'एशिया के सबसे बड़े कान्हा नेशनल पार्क जरूर आएं पर्यटक' Dantewada Accident Update: तीरथगढ़ जा रही मिनी बस दुर्घटनाग्रस्त, जिला अस्पताल में घायलों का इलाज जा... Chhattisgarh News: रेलवे सुरक्षा बल ने मनाया स्थापना दिवस, ड्रोन और आधुनिक तकनीक से यात्रियों की सुर... Palamu News: दुर्गा पूजा पर पलामू प्रमंडल में हाई अलर्ट, पलामू, गढ़वा और लातेहार में सुरक्षा के कड़े... Manoj Tiwari in Giridih: यूजीसी और प्रोटेस्ट के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा, कहा- युवाओं को बहका रहे है... Ranchi News: बाबूलाल मरांडी का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- देश में अराजकता फैलाना चाहती है कांग्रेस

MP Politics: मुख्यमंत्री पद, बंगला और ट्रांसफर-पोस्टिंग… जानिए कांग्रेस सरकार गिरने के पीछे की अंदरूनी कहानी

2

मध्य प्रदेश की राजनीति में वर्ष 2020 के बहुचर्चित सत्ता परिवर्तन की कहानी एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने तत्कालीन कमलनाथ सरकार के पतन और आंतरिक परिस्थितियों को लेकर कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। उनके दावों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच मुख्यमंत्री पद, दिल्ली स्थित सरकारी बंगले और अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग जैसे मुद्दों को लेकर मतभेद लगातार गहरे होते चले गए थे, जिन्हें समय रहते सुलझाया जा सकता था।

🪑 मुख्यमंत्री पद और बंगले को लेकर शुरू हुई थी रार: सिंधिया चाहते थे तुलसी सिलावट को प्रदेश अध्यक्ष बनाना

उज्जैन से अयोध्या तक सत्य, सनातन और स्वाभिमान यात्रा की तैयारी कर रहे दिग्विजय सिंह ने बताया कि 2018 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से ही नेतृत्व को लेकर खींचतान शुरू हो गई थी। सिंधिया मुख्यमंत्री बनना चाहते थे, जबकि पार्टी में कमलनाथ के पास मजबूत समर्थन था। दिग्विजय के मुताबिक, कमलनाथ ने सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाने और उनके खेमे के नेता को उपमुख्यमंत्री पद देने का विकल्प भी सुझाया था, लेकिन सिंधिया तुलसी सिलावट को प्रदेश अध्यक्ष और अन्य नेता को उपमुख्यमंत्री बनाना चाहते थे। इसके अलावा, 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद दिल्ली के सफदरजंग रोड स्थित सरकारी बंगले को अपने पास रखने की मांग को लेकर भी विवाद बढ़ा था।

⚙️ ग्वालियर-चंबल में प्रशासनिक नियुक्तियों ने बढ़ाई दूरियां: अंततः 2020 में गिर गई थी कांग्रेस सरकार

पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार के भीतर कलह की एक और बड़ी वजह ग्वालियर संभाग में कलेक्टर, कमिश्नर और पुलिस अधिकारियों की नियुक्तियों को बताया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की सूची पर सहमति न बनने और महीनों तक आदेश जारी न होने से हालात और बिगड़ गए थे। परिणामस्वरूप, मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया और कई विधायकों के पाला बदलने से कमलनाथ सरकार अल्पमत में आकर गिर गई। दिग्विजय का मानना है कि यदि आपसी खींचतान और विवाद समय रहते सुलझा लिए जाते, तो सरकार को बचाया जा सकता था।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.