Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Bhopal News: सीएम मोहन यादव का अनूठा अंदाज, मंडला दौरे पर स्कूल बच्चों के बीच पहुंचे और की आत्मीय बा... MP Crime News: सीमेंट कंटेनर में छुपकर लाई जा रही थी अंग्रेजी शराब, राजस्थान का तस्कर गिरफ्तार MP BJP Update: मंत्री नागर सिंह चौहान और संपतिया उइके विवाद पर प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का बड़ा... MP Politics: मुख्यमंत्री पद, बंगला और ट्रांसफर-पोस्टिंग... जानिए कांग्रेस सरकार गिरने के पीछे की अंद... Bhopal News: सीएम मोहन यादव की अपील, 'एशिया के सबसे बड़े कान्हा नेशनल पार्क जरूर आएं पर्यटक' Dantewada Accident Update: तीरथगढ़ जा रही मिनी बस दुर्घटनाग्रस्त, जिला अस्पताल में घायलों का इलाज जा... Chhattisgarh News: रेलवे सुरक्षा बल ने मनाया स्थापना दिवस, ड्रोन और आधुनिक तकनीक से यात्रियों की सुर... Palamu News: दुर्गा पूजा पर पलामू प्रमंडल में हाई अलर्ट, पलामू, गढ़वा और लातेहार में सुरक्षा के कड़े... Manoj Tiwari in Giridih: यूजीसी और प्रोटेस्ट के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा, कहा- युवाओं को बहका रहे है... Ranchi News: बाबूलाल मरांडी का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- देश में अराजकता फैलाना चाहती है कांग्रेस

Intercaste Marriage Controversy: समाज के गुस्से और प्रतिष्ठा के डर से पिता ने किया जीवित बेटी का अंतिम संस्कार जैसा कर्मकांड

6

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से सामाजिक मान्यताओं और पारिवारिक रिश्तों को पूरी तरह झकझोर देने वाला एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अपनी मर्जी से प्रेम विवाह करने के फैसले से अत्यधिक नाराज एक पिता ने जीवित बेटी को मृत मानकर, चल रहे पितृपक्ष के दौरान उसका बाकायदा पिंडदान और तर्पण कर दिया। जगदीश सराय गांव में घटी इस अजीबोगरीब और दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और इस कदम को लेकर समाज में परिवार की मर्जी तथा व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर गंभीर बहस छिड़ गई है।

🕊️ पितृपक्ष के पवित्र समय को चुना, बेटी से सारे रिश्ते तोड़ने के लिए किया अंतिम संस्कार जैसा कर्मकांड

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जगदीश सराय गांव की रहने वाली युवती ने परिवार की रजामंदी के खिलाफ जाकर अपनी पसंद के युवक के साथ लव मैरिज (प्रेम विवाह) कर ली थी। बेटी के इस कदम से उसके पिता और परिवार के अन्य सदस्य बेहद आहत थे। परिजनों का मानना था कि इस विवाह से समाज में उनकी प्रतिष्ठा को गहरी ठेस पहुंची है। अपने गुस्से और नाराजगी के चलते पिता ने पितृपक्ष के पवित्र काल को चुना, जो हिंदू धर्म में पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए जाना जाता है। गांव के समीप ही धार्मिक रीति-रिواजों का हवाला देते हुए जीवित बेटी के नाम का पिंडदान संपन्न कराया गया।

😲 इलाके में फैली सनसनी, कौतूहल और चर्चा का मुख्य विषय बनी घटना

जैसे ही जगदीश सराय गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को यह पता चला कि एक पिता ने अपनी जीवित बेटी का अंतिम संस्कार जैसा कर्मकांड कर दिया है, हर कोई हैरान रह गया। स्थानीय निवासियों के बीच यह घटना चर्चा का विषय बन गई है। जहां एक तरफ लोग बेटी के अपने फैसले पर अड़े रहने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ परिवार द्वारा इस तरह के极端 (चरम) कदम उठाए जाने पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.