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Dr Ajit Kumar Mohanty at BIT Mesra: ‘डिग्री से ज्यादा चरित्र और ईमानदारी जरूरी’, परमाणु वैज्ञानिक ने दिए सफलता के मंत्र

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बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT), मेसरा के 36वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष और परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. अजीत कुमार मोहंती ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए मजबूत स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं के साथ वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और उद्यमियों की कुशल पीढ़ी तैयार करना बेहद जरूरी है। समारोह में कुल 2,984 विद्यार्थियों को डिग्री व डिप्लोमा प्रदान किए गए, जिनमें 113 पीएचडी शोधार्थी, 691 स्नातकोत्तर और 2,004 स्नातक छात्र शामिल हैं।

💡 ‘डिग्री ज्ञान देती है पर चरित्र तय करता है उसका उपयोग’: विद्यार्थियों को दिए सफलता के मूल मंत्र

स्नातक विद्यार्थियों को सतत सीखने और जिज्ञासु बने रहने की सलाह देते हुए डॉ. मोहंती ने कहा कि एआई, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और स्पेस साइंस जैसे क्षेत्रों में तेजी से हो रहे बदलाव भारत के लिए नए अवसर पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डिग्री केवल ज्ञान प्रदान करती है, लेकिन उस ज्ञान का इस्तेमाल समाजहित में किस तरह किया जाएगा, यह व्यक्ति का चरित्र तय करता है। उन्होंने युवाओं से उत्कृष्टता, ईमानदारी और नवाचार के साथ एक आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान देने का आह्वान किया।

🏛️ शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार पर जोर: बीआईटी मेसरा के वीसी और चांसलर ने किया संबोधित

समारोह को संबोधित करते हुए बीआईटी मेसरा के कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना ने कहा कि 1955 में स्थापित यह संस्थान केवल ज्ञान अर्जित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में आलोचनात्मक सोच और जटिल समस्याओं के समाधान की क्षमता विकसित कर रहा है। वहीं संस्थान के चांसलर सी.के. बिरला ने स्नातकों से अपने ज्ञान का इस्तेमाल समाज के कल्याण के लिए करने और बदलती तकनीकी दुनिया के साथ खुद को लगातार अपग्रेड करने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित भी किया गया।

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