Sahkar Se Samriddhi: छत्तीसगढ़ में सहकारिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए विशेष कार्यशाला शुरू
छत्तीसगढ़ के बस्तर में पहली बार राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन का ऐतिहासिक आयोजन होने जा रहा है। सहकारिता मंत्रालय की पहल पर 8 और 9 अक्टूबर को जगदलपुर में आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय सम्मेलन में देश भर के वरिष्ठ अधिकारी ‘सहकार से समृद्धि’ की कार्ययोजना पर गहन मंथन करेंगे। यह सम्मेलन भारत सरकार के सहकारिता विभाग के सचिव आशीष कुमार भूटानी की अध्यक्षता में संपन्न होगा, जिसमें अतिरिक्त सचिव पंकज बंसल और सिद्धार्थ जैन समेत 15 राज्यों के सचिव और 14 राज्यों के सहकारी समितियों के पंजीयक भाग ले रहे हैं।
💻 डिजिटल तकनीक, पैक्स कंप्यूटरीकरण और भंडारण क्षमता के विस्तार पर रहेगा विशेष जोर
सम्मेलन के दौरान मल्टीपर्पस प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (एम-पैक्स) और दुग्ध समितियों के गठन, डिजिटल तकनीक के उपयोग, भंडारण क्षमता में वृद्धि और सहकारी बैंकिंग के सशक्तिकरण पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। छत्तीसगढ़ में अब तक 515 नए एम-पैक्स, 356 मत्स्य, 364 दुग्ध और 153 लघु वनोपज सहकारी समितियों का गठन किया गया है। साथ ही, एम-पैक्स को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में बदलकर माइक्रो एटीएम के जरिए वित्तीय लेन-देन को आसान बनाया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।
🌽 एथेनॉल संयंत्रों और राष्ट्रीय संस्थाओं से जुड़ाव से बढ़ रही ग्रामीण आय
राज्य में कृषि उपज के मूल्य संवर्धन और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के लिए कोंडागांव और भोरमदेव में एथेनॉल संयंत्र सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं, जबकि अन्य जिलों में भी नए संयंत्रों की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा, एम-पैक्स को एनसीसीएफ और नाफेड जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं से जोड़कर किसानों की उपज को बड़ा बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। इस सम्मेलन के माध्यम से प्राप्त अनुभवों और सफल मॉडलों के आधार पर सहकारी समितियों के आगामी विस्तार की रूपरेखा तय की जाएगी।
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