हरियाणा में लागू हुई Next-Gen ई-चालान प्रणाली: ट्रैफिक नियम तोड़ने पर अब होगी सख्त और समयबद्ध कार्रवाई
हरियाणा में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब कार्रवाई और अधिक समयबद्ध व सख्त कर दी गई है। राज्य पुलिस ने प्रदेशभर में नेक्स्ट जेन ई-चालान प्रणाली (Next-Gen E-Chalan System) लागू कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत यातायात उल्लंघन से लेकर चालान के निस्तारण तक की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल और समयबद्ध होगी। यदि निर्धारित समय के भीतर वाहन चालक की ओर से कोई प्रतिक्रिया या कार्रवाई नहीं की जाती है, तो चालान स्वतः स्वीकार मान लिया जाएगा।
पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने पुलिस मुख्यालय, पंचकूला में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर यातायात प्रबंधन, सड़क सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण की समीक्षा की। एडीजीपी विकास अरोड़ा ने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की अधिसूचना के अनुरूप हरियाणा में 16 जून 2026 से इस आधुनिक प्रणाली को प्रभावी बना दिया गया है।
⏱️ 45 दिन में चालान स्वीकार करना या चुनौती देना होगा अनिवार्य
नई व्यवस्था के नियमों के अनुसार पूरी प्रक्रिया इस प्रकार तय की गई है:
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नोटिस और समयसीमा: यातायात नियम टूटने के 3 दिन के भीतर वाहन चालक को नोटिस भेजा जाएगा। चालक को चालान स्वीकार करने या उसके खिलाफ चुनौती देने के लिए 45 दिन का समय मिलेगा।
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निस्तारण की अवधि: यदि चालक चालान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराता है, तो उसका समाधान 30 दिन के भीतर करना अनिवार्य होगा। तय अवधि में समाधान न होने पर शिकायत स्वतः मंजूर मान ली जाएगी। इसके लिए हर जिले में नोडल अधिकारियों और शिकायत निवारण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
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भुगतान और अपील: शिकायत खारिज होने पर चालक चालान राशि का 50 प्रतिशत जमा करके न्यायालय में चुनौती दे सकता है। वहीं, स्वीकार किए गए चालान का भुगतान 90 दिन के भीतर करना होगा।
🛑 लंबित चालान पर वाहन सेवाओं पर रोक और स्क्रैपिंग सेंटर
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वाहन सेवाओं पर रोक: केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के तहत, लंबित चालान का निपटारा होने तक संबंधित वाहन के रजिस्ट्रेशन या ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े कामों पर रोक लगाई जा सकती है। जरूरत पड़ने पर पुलिस अधिकारियों को मोटर वाहन हिरासत में लेने का भी अधिकार है।
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जाम से निपटने की तैयारी: डीजीपी ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि जाम लगने के बाद प्रतिक्रिया देने के बजाय डेटा आधारित और प्रीवेंशन तकनीक अपनाकर पहले ही ट्रैफिक प्रबंधन मजबूत किया जाए।
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वाहन स्क्रैपिंग नीति: एनसीआर में पुराने वाहनों पर प्रतिबंध के मद्देनजर प्रदेशभर में 27 स्क्रैपिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं, जहां वाहन मालिक अपने पुराने वाहनों को स्क्रैप करवाकर नियमानुसार करों में छूट और रियायतों का लाभ उठा सकते हैं।
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