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दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी को भी हुई पैसों की किल्लत, अब नहीं देगी नई नौकरियां

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दुनिया की दिग्गज टेक और ई-कॉमर्स कंपनी Amazon पर भी अब मंदी की आहट साफ सुनाई देने लगी है. एक ओर जहां कंपनी हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर रही है, वहीं दूसरी ओर उसने 2025 में रिटेल बिजनेस में नई भर्तियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. कॉस्ट में कटौती और मुनाफा बचाने की इस रणनीति के जरिए Amazon अब हर खर्च पर पैनी नजर रख रही है और इसका सबसे पहला असर रिटेल हायरिंग पर पड़ा है. कंपनी के रिटेल हेड डग हेरिंगटन ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि अब अगले साल रिटेल डिवीजन में कोई नई नौकरी नहीं निकाली जाएंगी.

क्यों लिया गया ये फैसला?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Amazon का यह कदम तेजी से बदल रहे रिटेल बिजनेस मॉडल और कंपनी की प्राथमिकताओं में बदलाव का नतीजा है. हेरिंगटन ने बताया कि कंपनी अब अधिक कुशलता और ग्राहक अनुभव को प्राथमिकता दे रही है, इसलिए नई नौकरियों पर फिलहाल रोक लगाई गई है.

Amazon ने ये कदम ऐसे समय में उठाया है जब कई बड़ी टेक कंपनियां जैसे Google, Meta और Microsoft भी पिछले सालों में हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी हैं.

क्या कहती है रिपोर्ट?

Economic Times की रिपोर्ट के मुताबिक, Amazon का यह फैसला लंबी अवधि की योजना का हिस्सा है. इससे कंपनी को अपने मौजूदा संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने में मदद मिलेगी.

भारत पर क्या असर?

हालांकि इस फैसले का भारत पर सीधा असर अभी साफ नहीं है, लेकिन चूंकि Amazon भारत को एक महत्वपूर्ण बाजार मानता है, इसलिए संभावना है कि यहां की योजनाओं और निवेशों पर भी इसका कुछ असर पड़ सकता है.

Amazon जैसे टेक दिग्गज का रिटेल हायरिंग रोकना इस बात का संकेत है कि दुनियाभर की बड़ी कंपनियां भी खर्चों में कटौती और स्मार्ट ग्रोथ की रणनीति अपना रही हैं. आने वाले समय में इससे रोजगार के अवसरों पर असर पड़ सकता है. इसका असर खासकर टेक और रिटेल सेक्टर में देखने को मिल सकता है.

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