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पीएम मोदी का पोस्ट डिलीट होने पर भड़की सरकार, मेटा चीफ जोएल कपलान ने अश्विनी वैष्णव से मिलकर मांगी माफी

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक वीडियो पोस्ट को प्लेटफॉर्म से हटाने के गंभीर प्रकरण में सोशल मीडिया दिग्गज ‘मेटा’ (Meta) की ओर से भारत सरकार और देश की जनता से औपचारिक माफी मांग ली गई है।

मेटा के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कपलान ने इस संबंध में आधिकारिक जानकारी प्रदान की। कपलान ने बताया कि उन्होंने अपनी उच्चस्तरीय टीम के साथ केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से व्यक्तिगत मुलाकात कर इस गंभीर मानवीय व तकनीकी चूक के लिए खेद प्रकट करते हुए माफी मांगी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि कंपनी अपने कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम में सुधार हेतु त्वरित एवं सख्त कदम उठा रही है।

🏛️ MeitY सचिव एस. कृष्णन से 45 मिनट तक चली उच्चस्तरीय बैठक, मेटा ने दी तकनीकी सफाई

केंद्रीय मंत्री से भेंट करने से पूर्व मेटा के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कपलान ने राजधानी दिल्ली में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन से गहन वार्ता की।

मंत्रालय में लगभग 45 मिनट तक चली इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मेटा के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन वाले वीडियो को गलती से प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के पीछे के तकनीकी कारणों की विस्तृत जानकारी दी। इसके उपरांत मेटा के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर औपचारिक क्षमा याचना की।

⏳ संसदीय समिति का कड़ा रुख, मार्क जकरबर्ग को तीन दिन के भीतर माफी मांगने का दिया था अल्टीमेटम

उल्लेखनीय है कि इस संवेदनशील विषय का कड़ा संज्ञान लेते हुए संसदीय स्थायी समिति ने मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मार्क जकरबर्ग को तीन दिनों के भीतर बिना शर्त लिखित माफी मांगने का कड़ा निर्देश निर्गत किया था।

MeitY सचिव को प्रेषित पत्र में समिति ने स्पष्ट किया था कि देश के प्रधानमंत्री के वक्तव्य वाले वीडियो को प्लेटफॉर्म से हटाना अत्यंत गंभीर चिंता का विषय है और इसके लिए शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय होना अनिवार्य है। संसदीय समिति के इस कड़े रुख के उपरांत बुधवार को स्वयं मार्क जकरबर्ग ने संपूर्ण घटनाक्रम पर गहरा खेद व्यक्त करते हुए क्षमा मांगी।

⚠️ “लाखों यूजर्स वाले प्लेटफॉर्म अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते”, केंद्र सरकार ने दी दो टूक चेतावनी

केंद्र सरकार ने मेटा प्रबंधन को दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि भारत में किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म का मनमाना व्यवहार कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सख्त जवाबदेही अनिवार्य है।

सरकार ने जोर देकर कहा कि भारत में करोड़ों यूजर्स वाले वैश्विक प्लेटफॉर्म्स अपनी सामाजिक व कानूनी जिम्मेदारियों से भाग नहीं सकते तथा कंटेंट मॉडरेशन के नाम पर एकतरफा तरीकों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके जवाब में मेटा अधिकारियों ने अवगत कराया कि मार्क जकरबर्ग ने प्लेटफॉर्म के कामकाज में हुई गंभीर कमियों हेतु स्वयं खेद प्रकट किया है, जिनमें बच्चों के यौन शोषण से संबंधित सामग्री (CSAM), डीपफेक (Deepfake) कंटेंट तथा प्रधानमंत्री के वीडियो जैसे संवेदनशील मामले शामिल थे।

📝 जानिए क्या था संपूर्ण विवाद: ‘परीक्षा पे चर्चा’ और पेपर लीक से जुड़ा था पीएम मोदी का वीडियो

वास्तव में, मेटा द्वारा फेसबुक से हटाया गया वीडियो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस महत्वपूर्ण संबोधन से संबंधित था, जिसमें उन्होंने देश के युवाओं, विद्यार्थियों और जेनरेशन Z (Gen-Z) के साथ परीक्षाओं के तनाव व पेपर लीक के विरुद्ध सरकार द्वारा की जा रही कठोर कानूनी कार्रवाइयों पर विस्तृत चर्चा की थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह वीडियो फेसबुक पर लगभग पांच से छह घंटे तक अनुपलब्ध रहा था। इस गंभीर उपेक्षा के उपरांत लोकसभा सचिवालय की निदेशक ए. ज्योतिर्मयी के. ने मेटा को पत्र भेजकर पूरे मामले में स्पष्टीकरण एवं बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश दिया था।

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