CRPF 205 Cobra Battalion Jawan: बस्तर में नक्सल ऑपरेशन में दे चुके थे सेवाएं, इलाज के दौरान हुआ निधन, गांव में छाया मातम
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के परेवाडीह गांव के रहने वाले सीआरपीएफ (CRPF) के बहादुर जवान सालिक ध्रुव का बिहार में असामयिक निधन हो गया है। मंगलवार को जवान का पार्थिव शरीर विशेष विमान और वाहनों के जरिए रायपुर से उनके पैतृक गांव लाया गया, जहां उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान वीर जवान के अंतिम दर्शन करने के लिए आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भारी संख्या में लोग पहुंचे। अंतिम संस्कार से पहले सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों और जवानों ने उनके पार्थिव शरीर को नमन कर गार्ड ऑफ ऑनर दिया और उन्हें अंतिम विदाई दी।
🏥 बिहार के गया में थे पदस्थ, तबीयत बिगड़ने के बाद रायपुर में चल रहा था इलाज
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम परेवाडीह निवासी घासीराम ध्रुव के 32 वर्षीय पुत्र सालिक ध्रुव वर्ष 2016 में देश की सेवा के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में भर्ती हुए थे। निधन से पहले उनकी पदस्थापना बिहार के गया जिले में थी। कुछ दिन पूर्व अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर लाया गया था, जहां उनका उपचार चल रहा था। इलाज के दौरान ही उनका निधन हो गया। जवान की शहादत और निधन की खबर जैसे ही उनके गृह ग्राम परेवाडीह पहुंची, पूरे इलाके और परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
🎖️ कोबरा बटालियन का रहे हिस्सा, बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में दे चुके थे अपनी सेवाएं
स्वजनों ने बताया कि सालिक ध्रुव का जन्म 22 जून 1994 को हुआ था। उन्होंने एमए (MA) तक की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद राष्ट्र सेवा को अपने जीवन का मुख्य लक्ष्य बनाया और कड़ी मेहनत कर वर्ष 2016 में सीआरपीएफ ज्वाइन की। अपनी सेवा के दौरान वे प्रतिष्ठित 205 कोबरा बटालियन (205 CoBRA Battalion) का भी हिस्सा रहे। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ के सबसे संवेदनशील और नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में चलाए गए कई अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने हर कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में पूरी कर्तव्यनिष्ठा और अदम्य साहस के साथ अपनी ड्यूटी निभाई। वे जब भी छुट्टियों में अपने गांव आते थे, तो स्थानीय युवाओं को सेना और अर्धसैनिक बलों में जाने के लिए प्रेरित करते थे तथा उन्हें भर्ती की तैयारी के गुर सिखाते थे।
😢 परिवार में छाया मातम, गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत थे सालिक ध्रुव
जवान सालिक ध्रुव के इस तरह अचानक चले जाने से पूरा परिवार गहरे सदमे और दुख में डूब गया है। गांव के लोग लगातार पीड़ित परिवार को ढाढस बंधाने में जुटे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें इस बात पर अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है कि हंसमुख स्वभाव वाले सालिक ध्रुव अब उनके बीच नहीं रहे। वे अपने गांव के युवाओं के लिए एक सच्चे प्रेरणा स्रोत थे, जिनकी कमी हमेशा खलती रहेगी।
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