Maharashtra Government Decision: सूखा प्रभावित इलाकों के बीच लोकायुक्त कार्यालय के लिए कारों पर खर्च होंगे 1.32 करोड़ रुपये
महाराष्ट्र के कुल 265 तालुकों में सूखा घोषित कर दिया गया है। सरकार में बैठे मंत्री लगातार सूखे के गंभीर हालातों के बीच सरकारी धन की बर्बादी से बचने की सख्त अपील कर रहे हैं। सूबे के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी आम नागरिकों से शादी समारोह और अन्य सार्वजनिक आयोजनों में खर्च कम करने का आग्रह कर रहे हैं। हालांकि, इन तमाम अपीलों के बीच खुद राज्य सरकार ने लोकायुक्त कार्यालय के चार सदस्यों के लिए लग्जरी कारें खरीदने के लिए भारी-भरकम धनराशि स्वीकृत कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनमें से प्रत्येक लग्जरी कार पर करीब 33 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
🚗 लोकायुक्त कार्यालय के सदस्यों के लिए चार लग्जरी वाहनों पर 1.32 करोड़ रुपये स्वीकृत
राज्य सरकार द्वारा इन नए वाहनों की खरीद के लिए धनराशि स्वीकृत करने से जुड़ा आधिकारिक सरकारी आदेश सोमवार को जारी किया गया। इन गाड़ियों का उपयोग करने वाले सदस्यों में पूर्व न्यायमूर्ति सुनील शुक्रे, पूर्व न्यायमूर्ति सुरेंद्र तावड़े, सुवर्णा केवले, पूर्व आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला और पूर्व आईएएस अधिकारी ओम प्रकाश गुप्ता के नाम शामिल हैं। इन सभी सदस्यों के लिए कुल चार वाहनों की खरीद हेतु कुल 1 करोड़ 32 लाख 18 हजार 768 रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके तहत प्रत्येक वाहन के लिए 33 लाख 4 हजार 692 रुपये की कीमत निर्धारित की गई है।
💰 सूखे के बीच सीएम देवेंद्र फडणवीस की नागरिकों से खर्च कम करने की अपील
एक तरफ जहां यह सरकारी आदेश सामने आया है, वहीं दूसरी तरफ महाराष्ट्र में सूखे की विकराल स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागरिकों से पूरी संवेदनशीलता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि शादी-विवाह और अन्य बड़े आयोजनों में होने वाले फिजूलखर्च में भारी कटौती की जानी चाहिए और केवल बेहद जरूरी चीजों पर ही पैसा खर्च किया जाना चाहिए। सीएम का कहना है कि मौजूदा सूखे के हालात को देखते हुए समाज के हर वर्ग को संवेदनशीलता बनाए रखना बहुत जरूरी है। कुछ आवश्यक खर्च भले ही अपरिहार्य होते हैं, लेकिन जिन खर्चों को आसानी से टाला या कम किया जा सकता है, उनमें तुरंत कटौती की जानी चाहिए।
🤝 अकाल और सूखा पीड़ितों की मदद करने का मुख्यमंत्री ने किया आह्वान
मुख्यमंत्री ने यह भी जोर देकर कहा कि इस प्रकार फिजूलखर्च रोककर बचाई जाने वाली रकम का उपयोग सीधे तौर पर सूखा प्रभावित जरूरतमंद लोगों की मदद करने के लिए किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि अन्य मानवीय तरीकों से भी अकाल पीड़ितों की सहायता करने का आह्वान किया है ताकि संकट की इस घड़ी में आम जनता की परेशानी कुछ हद तक कम हो सके।
⚖️ सरकार के इस दोहरे फैसले पर खड़े हो रहे हैं गंभीर सवाल और राजनीतिक विवाद
जब एक तरफ मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता से लगातार खर्च कम करने और सूखा प्रभावित लोगों की मदद करने की सार्वजनिक अपील कर रहे हैं, ठीक उसी समय लोकायुक्त कार्यालय के विशिष्ट सदस्यों के लिए महंगी लग्जरी गाड़ियां खरीदने के लिए सरकारी खजाने से धनराशि मंजूर किए जाने का मामला सामने आ गया है। ऐसे में सरकार के इस कदम को लेकर राजनीतिक गलियारों में बड़े विवाद के खड़े होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। जब राज्य के अधिकांश हिस्से भीषण सूखे का सामना कर रहे हों और मुख्यमंत्री खुद जनता से मितव्ययिता बरतने की बात कह रहे हों, तो ऐसे समय में सरकारी खर्च पर पूर्व अधिकारियों या मंत्रियों के लिए लग्जरी गाड़ियां खरीदना स्वाभाविक रूप से तीखे सवालों के घेरे में आ जाता है।
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