Clean Drinking Water Bihar: नल-जल योजना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, मुख्यमंत्री के निर्देश पर पीएचईडी विभाग सक्रिय
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के कामकाज की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस महत्वपूर्ण समीक्षा के दौरान लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव बी० कार्तिकेय धनजी ने जलापूर्ति योजना के सुचारू संचालन, उसके रखरखाव, मरम्मती कार्यों, नियमित निरीक्षण और विभाग में संचालित अन्य सभी योजनाओं की प्रगति व आगामी कार्ययोजना के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक के दौरान यह भी बताया गया कि पीएचईडी विभाग की विभिन्न योजनाओं को बेहतर और प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के लिए पटना, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया और मुंगेर – इन चार प्रमुख जोन्स में विभाजित किया गया है।
🔍 बिहार में सतत् पेय जलापूर्ति के लिए चलाए जा रहे हैं कई विशेष अभियान
समीक्षा बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में लोगों को निरंतर और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभाग द्वारा कई बड़े अभियान चलाए जा रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से जलमीनार सफाई अभियान, निरीक्षण एवं मरम्मती अभियान, जल की गुणवत्ता की जांच करने के लिए जल गुणवत्ता जांच अभियान, आम जनता की समस्याओं के समाधान हेतु शिकायत निवारण अभियान तथा प्रखंड स्तरीय भंडार सुदृढ़ीकरण अभियान शामिल हैं, जिनके जरिए जमीनी स्तर पर काम किया जा रहा है।
📊 28 सितंबर तक प्राप्त कुल 3,00,622 शिकायतों में से 98.5 फीसदी का हुआ त्वरित निवारण
बैठक के दौरान विभाग के केंद्रीयकृत शिकायत निवारण कोषांग के कार्यों की भी विशेष रूप से समीक्षा की गई। आंकड़ों के अनुसार, 15 अगस्त 2025 से लेकर 28 सितंबर 2026 तक कुल 3,00,622 शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें से विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए 2,96,179 शिकायतों का सफलतापूर्वक निवारण किया जा चुका है। इस प्रकार शिकायतों के समय पर समाधान की यह कुल दर प्रभावशाली रूप से 98.5 प्रतिशत दर्ज की गई है।
🚰 जलापूर्ति के कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी – सीएम सम्राट चौधरी
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि ‘हर घर नल का जल’ योजना के माध्यम से राज्य के हर कोने में 100 प्रतिशत जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। इस महत्वपूर्ण योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर जरा-सी भी लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परिवारों को नियमित रूप से स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण पेयजल की सुविधा लगातार मिलती रहनी चाहिए तथा पेयजल आपूर्ति योजनाएं पूरी तरह से फंक्शनल (सक्रिय) अवस्था में रहनी चाहिए।
⏱️ तय समय पर मिले शुद्ध पानी और शिकायतों का हो ससमय समाधान
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जलापूर्ति के लिए जो भी समय सीमा निर्धारित की गई है, उतने समय तक प्रत्येक नागरिक को शुद्ध पेयजल की प्राप्ति हो। यदि किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है, तो उसका तुरंत और समयबद्ध समाधान किया जाना चाहिए। पानी की शुद्धता और गुणवत्ता लगातार बनी रहे, इसके लिए समय-समय पर इसकी जांच भी करवाते रहें। पेयजल आपूर्ति योजनाओं के तहत रखरखाव (मेंटेनेंस) और अनुरक्षण का कार्य पूरी दक्षता के साथ हो, यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, पीएचईडी सचिव बी. कार्तिकेय धनजी और विशेष सचिव संजीव कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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