भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मतदाता पंजीकरण (Voter Registration) की संपूर्ण प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक सुगम, पारदर्शी और जन-अनुकूल बना दिया है। नए नियमों के अनुसार, अब आम नागरिकों को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने अथवा बनाए रखने के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं को नोटिस प्राप्त हुए हैं, बूथ लेवल अधिकारी (BLOs) स्वयं उनके घर जाकर आवश्यक दस्तावेज एकत्र करेंगे।
तीनों चुनाव आयुक्तों की संयुक्त उच्चस्तरीय बैठक में यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि में विस्तार किया गया है, जिससे विशेष रूप से दिल्ली और महाराष्ट्र के मतदाताओं को बड़ी राहत मिली है। साथ ही समाज के वंचित, श्रमिक और बेघर लोगों के मताधिकार को सुरक्षित करने के लिए विशेष हेल्प डेस्क और कैंप लगाए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने भी निर्वाचन आयोग की इस स्पेशल रिविजन प्रक्रिया की वैधता पर मुहर लगा दी है, जिससे तकनीकी त्रुटियों के चलते सूची से बाहर हुए मतदाताओं का नाम पुनः जुड़ सकेगा।
🏠 सरकारी दफ्तर जाने की बाध्यता समाप्त: घर बैठे होगा दस्तावेजों का सत्यापन
स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) अभियान के मुख्य बिंदु:
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घर-घर पहुंचेंगे BLO: स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के तहत जिन मतदाताओं को ‘अनमैप्ड’ स्टेटस या डेटा में तार्किक त्रुटियों (Logical Errors) के कारण नोटिस जारी किए गए हैं, उन्हें अब इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) के कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
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डिजिटल अपलोड: संबंधित क्षेत्र के BLO स्वयं वोटर के घर पहुंचेंगे, सभी आवश्यक दस्तावेज कलेक्ट करेंगे और उन्हें सीधे चुनाव आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर डिजिटल रूप से अपलोड करेंगे।
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समय और श्रम की बचत: इस पहल से आम नागरिकों को अनावश्यक भागदौड़ और लाइनों में खड़े होने की परेशानी से पूरी तरह मुक्ति मिलेगी।
💻 खास मामलों में ही होगी सुनवाई: ऑनलाइन जुड़ने की मिलेगी सुविधा
पारदर्शी सुनवाई व्यवस्था और छूट के नियम:
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केवल ऑनलाइन हियरिंग: चुनाव आयोग के निर्णय के अनुसार, व्यक्तिगत सुनवाई की व्यवस्था को न्यूनतम कर दिया गया है। सुनवाई केवल अपरिहार्य या बेहद संवेदनशील मामलों में होगी और वह भी मुख्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से ही आयोजित की जाएगी।
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परिवार के सदस्य को अनुमति: यदि कोई नागरिक स्वयं उपस्थित होने में असमर्थ है, तो वह अपनी ओर से परिवार के किसी भी वयस्क सदस्य को ऑनलाइन सुनवाई में शामिल होने के लिए अधिकृत कर सकता है।
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व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट: सामान्यतः जिन मतदाताओं को केवल SIR प्रक्रिया के अंतर्गत नोटिस मिले हैं, उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की कोई बाध्यता नहीं रहेगी।
🛡️ नाइट शेल्टर व बेघरों के लिए विशेष कैंप: ECINET पोर्टल की समीक्षा करेगी उच्चस्तरीय समिति
कमजोर वर्गों की भागीदारी और तकनीकी सुरक्षा:
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वंचित वर्गों के लिए हेल्प डेस्क: जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) आवश्यकतानुसार रैन बसेरों (नाइट शेल्टर), दिहाड़ी मजदूरों, गरीब तबकों और बेघर लोगों के लिए विशेष हेल्प डेस्क व रजिस्ट्रेशन कैंप संचालित करेंगे ताकि कोई भी पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे।
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फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र: SIR अभियान के दौरान फॉर्म-6 के साथ निर्धारित घोषणा पत्र संलग्न करने का नियम यथावत लागू रहेगा, जिसे देश की सर्वोच्च अदालत ने भी विधिसम्मत ठहराया है।
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विशेषज्ञ समिति द्वारा तकनीकी जांच: पोर्टल की कार्यक्षमता और साइबर सुरक्षा को मजबूत रखने के लिए एक वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त (DEC) तथा IIT व IIM के स्वतंत्र विषय विशेषज्ञों की उच्चस्तरीय समिति ‘ECINET’ पोर्टल की व्यापक तकनीकी समीक्षा करेगी।
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