Jaisalmer Crime News: पोकरण में नाबालिग बेटी के 2 लाख में सौदे और जबरन शादी का खुलासा, पुलिस ने एक घंटे में दबोचा आरोपी
जैसलमेर (राजस्थान): जिले के पोकरण क्षेत्र से इंसानियत को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है, जहां एक पिता द्वारा अपनी नाबालिग बेटी को पैसों के लालच में बेचने और उसकी जबरन शादी कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी पिता पर आरोप है कि उसने बिहार के अरवल जिले में अपनी दूसरी पत्नी और कुछ परिचितों के साथ मिलकर महज 2 लाख रुपये में नाबालिग बेटी का सौदा कर दिया था। इसके बाद पोकरण के एक युवक ने नाबालिग से जबरन शादी कर उसे अपने पास रखा हुआ था। जब इस पूरी करतूत की जानकारी बालिका के चाचा को मिली, तो उन्होंने तुरंत पोकरण थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत मिलते ही तत्परता दिखाते हुए महज एक घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को धर दबोचा और नाबालिग को सकुशल मुक्त करा लिया।
🕵️♂️ पुलिस की त्वरित कार्रवाई: एसपी के निर्देश पर पुरोहितसर क्षेत्र से बालिका को किया गया रेस्क्यू
छापेमारी और गिरफ्तारी का विवरण:
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विशेष टीम का गठन: मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक (SP) अभिषेक शिवहरे के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) वीरेंद्र सिंह के सुपरविजन में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
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दबिश और बरामदगी: पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया था कि बिहार से लाई गई नाबालिग को पोकरण इलाके में छिपाकर रखा गया है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने विभिन्न ठिकानों की छानबीन की और पुरोहितसर क्षेत्र में दबिश देकर नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर लिया।
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मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी: इस मामले में पुलिस ने पोकरण निवासी टीकमचंद (पुत्र चौथाराम माली) को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने नाबालिग से शादी कर उसे अपने घर पर रखा था।
💸 2 लाख रुपये में सौदा करने का गंभीर आरोप: बिहार से राजस्थान लाने वाले गिरोह की पड़ताल
आपराधिक षड्यंत्र और आगे की जांच:
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पिता और दूसरी पत्नी की संलिप्तता: नाबालिग के चाचा द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, अरवल जिले में रहने वाले उसके पिता ने अपनी दूसरी पत्नी और अन्य बिचौलियों के साथ मिलकर बेटी का 2 लाख रुपये में सौदा किया था।
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पुलिस की जांच का दायरा: पोकरण पुलिस अब यह गहनता से पता लगाने में जुटी है कि नाबालिग को बिहार से राजस्थान किन रास्तों और परिस्थितियों के तहत लाया गया तथा इस मानव तस्करी और खरीद-फरोख्त के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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बाल कल्याण समिति के सुपुर्द: पुलिस ने सुरक्षित बरामदगी के बाद नाबालिग बालिका को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया, जिनके निर्देशों के आधार पर उसे फिलहाल सुरक्षित संरक्षण में दे दिया गया है। पुलिस उसकी सुरक्षा और पुनर्वास की प्रक्रिया पर भी काम कर रही है।
⚖️ बिहार पुलिस को ट्रांसफर किया गया मामला: जीरो नंबर एफआईआर दर्ज
कानूनी प्रक्रिया और अधिकार क्षेत्र:
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जीरो एफआईआर: चूंकि यह पूरा आपराधिक मामला मूल रूप से बिहार के अरवल जिले से जुड़ा हुआ है, इसलिए पोकरण पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले ‘जीरो नंबर एफआईआर’ दर्ज की।
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अरवल पुलिस को ट्रांसफर: इसके बाद आगे की कानूनी जांच और मुख्य साजिशकर्ताओं तक पहुंचने के लिए मामले की फाइल को अरवल थाना पुलिस को अग्रिम कार्रवाई हेतु भेज दिया गया है।
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आगे की कार्रवाई: अब बिहार की अरवल पुलिस इस मामले में नाबालिग के पिता, उसकी दूसरी पत्नी, परिचितों और इस अवैध सौदे में संलिप्त अन्य बिचौलियों की भूमिका की गहराई से जांच करेगी।
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