Delhi Ridge Area Protection: अरावली श्रृंखला के सबसे हरे-भरे क्षेत्र को कानूनी संरक्षण, जानिए दिल्ली सरकार के इस फैसले की अहमियत
दिल्ली में पर्यावरण और जंगलों के संरक्षण को लेकर एक बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है। दिल्ली सरकार ने दक्षिणी रिज के लगभग 1 हजार एकड़ इलाके को रिजर्व्ड फॉरेस्ट यानी कि संरक्षित वन का दर्जा देने का ऐतिहासिक फैसला किया है, जिसके लिए सरकार की तरफ से मंजूरी भी दे दी गई है। आपको बता दें कि दिल्ली के दक्षिणी हिस्से में फैला यह रिज कुल 6200 हेक्टेयर में फैला हुआ है और यह दिल्ली का सबसे बड़ा रिज सिस्टम है। इस फैसले के नोटिफिकेशन की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिल्ली में संरक्षित वनों वाले कुल इलाके का क्षेत्रफल बढ़कर लगभग 13 हजार एकड़ हो जाएगा।
👩💼 2. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दी जानकारी, कहा- रिज क्षेत्रों को सिर्फ कानूनी संरक्षण नहीं, बल्कि इकोसिस्टम को दोबारा जिंदा करना है मकसद
इस महत्वपूर्ण मामले पर बात करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार रिज के उन तमाम क्षेत्रों को फिर से संवारने और ठीक करने का प्रयास कर रही है जो समय के साथ बदहाल हो चुके हैं। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य इन क्षेत्रों को केवल रिजर्व्ड फॉरेस्ट जोन घोषित करके कानूनी सुरक्षा देना ही नहीं है, बल्कि इस पूरे रिज के प्राकृतिक इकोसिस्टम को पूरी तरह से फिर से जिंदा करना भी है, ताकि राजधानी की आबोहवा और हरियाली को बचाया जा सके।
🌿 3. 1994 से शुरू हुई थी रिज एरिया को संरक्षित करने की प्रक्रिया, अरावली श्रृंखला के इस हरे-भरे इलाके में अवैध कब्जों पर कसेगा शिकंजा
गौरतलब है कि दिल्ली में रिज एरिया को रिजर्व फॉरेस्ट घोषित करने की शुरुआत साल 1994 में हुई थी, लेकिन कई हिस्से ऐसे थे जो लंबे समय तक इस दर्जे से अछूते रहे। अब इस अटकी हुई प्रक्रिया ने काफी तेज रफ्तार पकड़ ली है, और इससे पहले मार्च व मई में भी दक्षिणी रिज के कुछ हिस्सों को यह दर्जा दिया गया था। बता दें कि दिल्ली का यह रिज क्षेत्र दरअसल अरावली माउंटेन सीरीज का ही एक प्रमुख हिस्सा है और राजधानी के सबसे हरे-भरे इलाकों में गिना जाता है। ऐसे में इस फैसले से अवैध कटाई, निर्माण और जमीनों पर होने वाले कब्जों पर रोक लगेगी तथा स्थानीय वनस्पतियों का संरक्षण हो सकेगा।
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