Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Bootsy Darington Guinness World Record: सिर्फ 3 साल 139 दिन की उम्र में बच्ची ने तोड़े सारे रिकॉर्ड,... Mundka MLA : बीजेपी ने विधायक गजेंद्र सिंह दराल को भेजा नोटिस, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद एक... Supreme Court : एचपीईसी (HPEC) पैनल में बदलाव से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, गवाहों की पहचान गुप्त रखने ... Delhi Crime News: नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली में सिगरेट जलाने के लिए माचिस मांगने पर विवाद, चाकू मारकर युवक ... Sagar News Update: '10 दिन बीते, पुलिस ने बयान तक दर्ज नहीं किए'; प्रियंक कानूनगो के सामने छलका शराब... Dewas News: देवास में पनीर चीज पिज्जा की जगह मिला वेज पिज्जा, भड़के ग्राहकों और बेकरी वालों में सिरफ... Indore Metro Yellow Line Update: इंदौर में शुरू हुई मेट्रो ट्रेन! जानें 17 किमी रूट का किराया, टाइमि... Indore Beautician Suicide Case: दिल्ली की ब्यूटीशियन सोनिला शर्मा आत्महत्या मामले में इंदौर का पाइप ... Chhindwara Dangal News: मिट्टी के गोले में दांव-पेच और देसी कसरत; जानें ओलंपिक तक पहुंची छिंदवाड़ा क... Jabalpur Unique Ganesh Pandal: जबलपुर में हवा में विराजे गणपति! सड़क के 7 फीट ऊपर बना पंडाल, नीचे से...

Sagar News Update: ’10 दिन बीते, पुलिस ने बयान तक दर्ज नहीं किए’; प्रियंक कानूनगो के सामने छलका शराब कांड पीड़ितों का दर्द

1

सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने प्रभावित ग्राम जगथर और गुगरा का दौरा किया। दौरे के दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों से सीधा संवाद कर पूरी घटना की विस्तृत जानकारी ली। पीड़ितों ने बेहद दुखी मन से बताया कि घटना के 10 दिन से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस प्रशासन ने आज तक मृतकों के परिजनों के बयान दर्ज करने की जहमत नहीं उठाई है। इसके अलावा, अब तक किसी भी पीड़ित परिवार को सरकारी मुआवजा राशि नहीं मिली है। प्रियंक कानूनगो ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर शासन से मिलने वाली सहायता और स्थिति का जायजा लिया।

🚓 पुलिस की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल: 2 हफ्ते बाद भी परिजनों के बयान दर्ज नहीं, ना ही FIR में जोड़े नाम

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो जब पीड़ितों का हाल जानने पहुंचे, तो परिजनों ने पुलिस की गंभीर लापरवाही उजागर की।

मृतकों के परिजनों ने बताया कि घटना को लगभग दो सप्ताह होने को हैं, लेकिन स्थानीय पुलिस ने न तो उनसे संपर्क किया और न ही घटना से जुड़े बयान दर्ज किए। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि गांव में जो लोग अवैध रूप से शराब सप्लाई करने आते थे, उनके नाम जानबूझकर एफआईआर (FIR) में शामिल नहीं किए गए हैं। प्रियंक कानूनगो ने इस पूरी घटना को अत्यंत दुर्भाग्यजनक बताते हुए मौके पर मौजूद अधिकारियों को तत्काल सभी पीड़ितों के विधिवत बयान दर्ज करने के सख्त निर्देश दिए।

💰 3 दिन के भीतर मुआवजा दिलाने का भरोसा: मृतक परिवारों को 4 लाख और अन्य पीड़ितों को 2 लाख रुपये सहायता की बात

एनएचआरसी (NHRC) सदस्य प्रियंक कानूनगो के साथ चर्चा के दौरान ग्रामीणों ने आर्थिक तंगी और मुआवजा राशि न मिलने का मुद्दा प्रमुखता से रखा।

इस पर उन्होंने तुरंत प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता की और पीड़ितों को आश्वस्त किया कि अगले 3 दिनों के भीतर सहायता और मुआवजा राशि उनके खातों में पहुंचा दी जाएगी। उन्होंने आयोग की ओर से मृतक परिवारों को 4-4 लाख रुपये और गंभीर रूप से प्रभावित अन्य पीड़ितों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की बात रखी।

📜 गैर-हाजिर पंचायत सचिव और अधिकारियों पर गाज: एसडीएम को दिए सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश

प्रियंक कानूनगो के निरीक्षण के दौरान उस समय स्थिति असहज हो गई, जब ग्रामीणों ने स्थानीय पंचायत सचिव और कर्मचारियों की अनुपस्थिति की शिकायत की।

ग्राम गुगरा में पंचायत सचिव काशीराम अहिरवार के नदारद रहने पर ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि उन्होंने आज तक सचिव का चेहरा तक नहीं देखा है। इस घोर लापरवाही पर प्रियंक कानूनगो ने भारी नाराजगी व्यक्त करते हुए अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को संबंधित सचिव को निलंबित/कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं, ग्राम जगथर में सहायक विकास विस्तार अधिकारी (ADEO) की गैर-मौजूदगी पर भी कड़ा संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के आदेश दिए।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.