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साहिबगंज सीमा पर आधा किमी सड़क जलमग्न, 5 मिनट का सफर 1 घंटे में तय करने को मजबूर ग्रामीण

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साहिबगंज (झारखंड): जिले की सीमा पर स्थित झारखंड के मखमलपुर और बिहार के बाबुपुर के बीच करीब आधा किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह बाढ़ के पानी में समा गई है।

सड़क डूबने और कट जाने से दोनों राज्यों के सीमावर्ती गांवों के बीच जमीनी आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। कामकाजी लोग, स्कूली बच्चे और आम ग्रामीण अब जोखिम उठाकर नाव के सहारे आवागमन करने को मजबूर हैं। यह विकट समस्या पिछले दस दिनों से लगातार बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि झारखंड सरकार ने अपनी सीमा तक पक्की सड़क का निर्माण करा दिया है, परंतु बिहार की सीमा में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की उदासीनता के कारण सड़क का हिस्सा वर्षों से अधूरा छोड़ दिया गया है।

🚤 5 मिनट की दूरी तय करने में लग रहा 1 घंटा: नाव का इंतजार करने को मजबूर ग्रामीण

सामाजिक ताना-बाना और ग्रामीणों की परेशानियां:

  • गहरे रिश्तेदारी संबंध: मखमलपुर और बाबुपुर दोनों गांवों में लगभग 80 प्रतिशत मुस्लिम आबादी निवास करती है और अधिकांश परिवारों की आपस में गहरी रिश्तेदारियां हैं।

  • समय और दूरी का संकट: सामान्य दिनों में दोनों गांवों के बीच की दूरी तय करने में मात्र पांच मिनट का समय लगता था, लेकिन सड़क डूबने से अब लोगों को घंटों नाव का इंतजार करना पड़ रहा है।

  • सड़क कटी, वाहन ठप: मखमलपुर की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग में दो स्थानों पर पानी के तेज बहाव से सड़क कट चुकी है, जिसके चलते दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है।

📈 गंगा नदी का जलस्तर फिर उफान पर: प्रति घंटा 1 सेंटीमीटर की दर से बढ़ोतरी

केंद्रीय जल आयोग के आंकड़े और चेतावनी:

  • जलस्तर में निरंतर वृद्धि: साहिबगंज में गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। नदी में प्रति घंटा 1 सेंटीमीटर की रफ्तार से पानी की आवक हो रही है।

  • वर्तमान मापन: गुरुवार सुबह गंगा का जलस्तर 27.62 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान के करीब है।

  • चेतावनी और पूर्वानुमान: पूर्वानुमान के अनुसार आगामी 24 घंटों में जलस्तर 27.86 मीटर या उससे अधिक तक पहुंच सकता है। इससे पूर्व 29 अगस्त को अधिकतम जलस्तर 27.85 मीटर तक पहुंचा था। जलस्तर में दोबारा हो रही इस वृद्धि से दियारा क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का गंभीर खतरा मंडराने लगा है।

🗣️ जनप्रतिनिधियों की मनमानी और अधूरा निर्माण: ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

स्थानीय निवासियों का आक्रोश:

  • ग्रामीण मो. नसीम का बयान: बाबुपुर निवासी मो. नसीम ने बताया कि उनका ससुराल और बहन का घर मखमलपुर में है। पहले 5 मिनट में पहुंच जाते थे, लेकिन सड़क अधूरी होने और पानी भरने से अब एक घंटे से ज्यादा का समय लग रहा है। यह समस्या साल में तीन-चार महीने तक बनी रहती है।

  • सड़क ऊंची करने की मांग: ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस बाईपास सड़क की ऊंचाई बढ़ा दी जाती और बीच में दो-तीन पुलियों का निर्माण करा दिया जाता, तो बाढ़ के दौरान भी आवागमन बाधित नहीं होता।

🛑 ’10 वर्षों से बरकरार है समस्या, अवैध वसूली का अड्डा बनी सड़क’: मो. अब्दुल जलील

राजनीतिक उपेक्षा और प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग:

  • अवैध वसूली का आरोप: ग्रामीण मो. अब्दुल जलील ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह समस्या पिछले 10 वर्षों से जस की तस बनी हुई है। सड़क निर्माण न होने के पीछे स्थानीय राजनीति है और कुछ असामाजिक तत्वों ने इस रूट को नाव संचालन और अवैध वसूली का साधन बना रखा है।

  • भागलपुर प्रशासन से गुहार: ग्रामीणों ने भागलपुर (बिहार) और साहिबगंज (झारखंड) जिला प्रशासन से मांग की है कि इस अंतरराज्यीय संपर्क मार्ग की समस्या पर तत्काल संज्ञान लेकर संयुक्त कार्रवाई की जाए और सड़क का स्थायी निर्माण कराया जाए।

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