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कुसमुंडा से पावर प्लांट जा रहे 77 टन कोयले में मिला दी गिट्टी-मिट्टी, पुलिस ने दर्ज की FIR

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कोरबा (छत्तीसगढ़): साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की कुसमुंडा कोयला खदान से पावर जनरेशन प्लांट के लिए भेजे गए 77 टन उच्च गुणवत्ता वाले कोयले में बड़े पैमाने पर गिट्टी और मिट्टी मिलाने का गंभीर मामला सामने आया है।

परिवहन के दौरान की गई इस सुनियोजित हेराफेरी के उजागर होते ही औद्योगिक क्षेत्र और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले में कुसमुंडा थाना पुलिस ने डीओ (डिलीवरी ऑर्डर) होल्डर की शिकायत पर ट्रेलर चालकों और संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

🚚 24 अगस्त को लोड हुए थे दो ट्रेलर: डभरा प्लांट में जांच के दौरान खुली पोल

पूरे घटनाक्रम और जांच की समय-सारणी:

  • डीओ होल्डर का कार्य: बांकीमोंगरा निवासी संजीव शर्मा उर्फ संजू कुसमुंडा खदान में रजिस्टर्ड डीओ होल्डर हैं। वे खदान से रायगढ़ जिले के डभरा स्थित आरकेएम (RKM) पावर प्लांट में कोयला परिवहन का कार्य करते हैं, जिसके लिए बाजार से किराए पर ट्रेलरों की व्यवस्था की जाती है।

  • कोयले का प्रेषण: 24 अगस्त को उनके स्टाफ प्रमोद कुमार यादव ने दो ट्रेलर (क्रमांक CG 12 BH 4904 और CG 10 BP 5301) में क्रमशः 38.020 टन और 38.390 टन उच्च गुणवत्ता वाला आरओएम (ROM) कोयला लोड करवाया।

  • जांच में मिलावट की पुष्टि: चालक जितेंद्र और राजकुमार इन वाहनों को लेकर 26 अगस्त को आरकेएम पावर प्लांट पहुंचे। अनलोडिंग से पहले प्रबंधन ने जब कोयले की गुणवत्ता (Quality Check) जांची, तो दोनों वाहनों में भारी मात्रा में गिट्टी और अनुपयोगी काली मिट्टी पाई गई।

💸 रास्ते में बदला गया उच्च गुणवत्ता का कोयला: डीओ होल्डर को ₹3 लाख का नुकसान

आर्थिक नुकसान और साजिश का भंडाफोड़:

  • किराया उपलब्ध कराने वाले का इनकार: मिलावट की सूचना मिलते ही डीओ होल्डर संजीव शर्मा ने गाड़ियां किराए पर दिलवाने वाले रजनीश पांडेय से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने दोनों ट्रेलरों की जवाबदेही लेने से साफ मना कर दिया।

  • कोयला खपाने का खेल: प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि मूल उच्च गुणवत्ता वाले कोयले को रास्ते में ही किसी गुप्त स्थान पर अनलोड कर बेच दिया गया और प्लांट में वजन पूरा करने के लिए उसमें गिट्टी व मिट्टी भर दी गई।

  • भारी क्षति: इस फर्जीवाड़े और मिलावट के कारण डीओ होल्डर को लगभग 3 लाख रुपये का सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।

⚖️ BNS की धाराओं में अपराध दर्ज: अधिकतम 7 साल की सजा का प्रावधान

कुसमुंडा पुलिस द्वारा दर्ज कानूनी कार्रवाई:

  • भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत केस: शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कुसमुंडा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(3) और 3(5) (धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और संयुक्त आपराधिक कृत्य) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।

  • सजा का प्रावधान: विधिक जानकारों के अनुसार परिवहन के दौरान विश्वासघात और सुनियोजित धोखाधड़ी की इन धाराओं में अधिकतम 7 वर्ष तक के कारावास और जुर्माने का स्पष्ट प्रावधान है।

👮 एडिशनल एसपी लखन पटले का बयान: आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

प्रशासनिक प्रतिक्रिया और जांच की दिशा:

  • एडिशनल एसपी का वक्तव्य: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) लखन पटले ने बताया कि कुसमुंडा थाने में पावर प्लांट भेजे जाने वाले कोयले में गिट्टी और मिट्टी मिलाने की विधिवत शिकायत दर्ज कराई गई है।

  • कॉल डिटेल और रूट ट्रैकिंग: पुलिस दोनों वाहनों के जीपीएस रूट, धर्मकांटा की तौल पर्चियों और चालकों के मोबाइल लोकेशन की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कोयले की अदला-बदली किस अवैध कोल डिपो या स्थान पर की गई थी।

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