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गरियाबंद के मैनपुर में जानलेवा सफर: 20 फीट ऊंचे सरिए चढ़कर उफनती पैरी नदी पार करने को मजबूर बच्चे

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गरियाबंद (छत्तीसगढ़): मैनपुर विकासखंड अंतर्गत देहारगुड़ा और खामभाठा के बीच पैरी नदी पर बन रहा पुल विभागीय लापरवाही और ठेकेदारी की सुस्ती के चलते सालों से अधूरा पड़ा हुआ है।

पुल की वर्तमान दुर्दशा यह है कि इसके आधे-अधूरे पिलर्स के बीच कंटीली झाड़ियां उग आई हैं और पूरे निर्माण स्थल पर लोहे के नुकीले सरिए खुले पड़े हैं। मानसून के सीजन में पैरी नदी उफान पर होने के कारण देहारगुड़ा के स्कूली बच्चों को शिक्षा हासिल करने के लिए रोजाना मौत से जूझते हुए इसी निर्माणाधीन पुल के ऊपर से गुजरना पड़ रहा है।

🪜 20 फीट ऊंचे पिलर पर छड़ की सीढ़ी और 2 फीट की संकरी प्लाई: एक फिसलन यानी मौत

मासूमों के जोखिम भरे सफर का जमीनी सच:

  • खामभाठा स्कूल जाने की मजबूरी: देहारगुड़ा गांव में उच्च प्राथमिक शाला न होने के कारण बच्चों को रोजाना नदी पार कर खामभाठा स्थित स्कूल जाना पड़ता है।

  • खतरनाक चढ़ाई: उफनती नदी पार करने के लिए मासूम बच्चे 20 फीट ऊंचे कंक्रीट पिलर पर बंधी संकरी लोहे की सरियों वाली सीढ़ी पर चढ़ते हैं।

  • प्लाई का अस्थायी सहारा: पिलर पर चढ़ने के बाद बच्चे मात्र दो फीट चौड़ी लकड़ी की प्लाई पर भारी स्कूल बैग लादकर संतुलन बनाते हुए चलते हैं।

  • हादसे की आशंका: नीचे 20 फीट गहरा गड्ढा और पत्थरों के साथ तेज बहाव है। यदि जरा सा भी पैर फिसला, तो सीधे जानलेवा साबित हो सकता है।

⏳ 10 महीने का प्रोजेक्ट 3 साल बाद भी अधूरा: 5 करोड़ की लागत पर उठे सवाल

परियोजना की लेटलतीफी और जनप्रतिनिधियों का आक्रोश:

  • समय-सीमा की विफलता: सितंबर 2023 से निर्माणाधीन यह पुल महज 10 महीने की निर्धारित समयावधि में बनकर तैयार होना था, लेकिन तीन साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी काम अधूरा है।

  • सरपंच महेश दीवान का सवाल: देहारगुड़ा सरपंच महेश दीवान ने रोष जताते हुए कहा कि बच्चे रोज जोखिम उठाकर स्कूल जा रहे हैं। यदि सीढ़ी चढ़ते वक्त कोई बच्चा नीचे खाई में गिर गया, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?

  • विधायक जनक लाल ध्रुव का हमला: बिंद्रानवागढ़ विधायक जनक लाल ध्रुव ने कहा कि पैरी नदी का यह पुल वर्ष 2022 से 5 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत है। उन्होंने शासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्माण पूरा नहीं कराया गया, तो ग्रामीण बड़ा आंदोलन करेंगे।

🛠️ ब्रिज कंस्ट्रक्शन विभाग का दावा: दो से तीन महीने में पूरा होगा एप्रोच का काम

विभागीय इंजीनियर का स्पष्टीकरण:

  • स्लैब का काम पूर्ण: ब्रिज कंस्ट्रक्शन विभाग के इंजीनियर फागुलाल कुर्रे ने बताया कि मुख्य पुल के स्लैब की ढलाई का कार्य पूरा हो चुका है, केवल दोनों किनारों के एप्रोच रोड (पहुंच मार्ग) का निर्माण शेष है।

  • एक्सटेंशन की मियाद: उन्होंने बताया कि पुल का काम वर्ष 2024 में पूरा होना था, जिसे जून 2025 तक का एक्सटेंशन दिया गया था।

  • अस्थायी व्यवस्था का आश्वासन: इंजीनियर के अनुसार आगामी दो से तीन महीनों के भीतर एप्रोच का काम पूरा कर लिया जाएगा और तब तक आवागमन के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।

🏫 जिला शिक्षा अधिकारी की अजीबोगरीब सलाह: ‘पानी कम होने तक रिश्तेदार के घर रुकें बच्चे’

प्रशासनिक प्रतिक्रिया और अजीब सलाह:

  • एसडीएम को लिखा पत्र: गरियाबंद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) राजेश चंद्राकर ने बताया कि उन्होंने मामले की गंभीरता से एसडीएम को अवगत कराया है ताकि निर्माण एजेंसी व ठेकेदार को तेजी से काम पूरा करने का निर्देश दिया जा सके।

  • अधिकारियों की सलाह: डीईओ ने बताया कि वर्तमान में परिजन और शिक्षक बच्चों को सावधानीपूर्वक पुल पार कराने में मदद कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह अजीबोगरीब सलाह भी दी कि जब तक नदी का जलस्तर कम नहीं हो जाता, तब तक बच्चे जिस गांव में पढ़ने जाते हैं, वहीं किसी रिश्तेदार के घर रुककर पढ़ाई जारी रख सकते हैं।

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