Raipur Fraud News: साधु बाबा बनकर पूजा-पाठ के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले आरोपी गिरफ्तार, ग्वालियर का एक बदमाश भी शामिल
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के कमिश्नरेट अंतर्गत आने वाले गंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने ठगी के एक अनोखे और सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साधु बाबा का रूप धारण कर पूजा-पाठ और अनुष्ठान के बहाने भोले-भाले नागरिकों से लाखों रुपए की ठगी करने वाले एक नाबालिग समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए शातिर आरोपियों में से एक मुख्य आरोपी मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले का रहने वाला है, जबकि दूसरा आरोपी विधि से संघर्षरत बालक (नाबालिग) है। गंज थाना पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 3 लाख रुपए मूल्य के 17 ग्राम वजनी सोने के आभूषण और वारदात में इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए हैं। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की है।
बीमारी और घरेलू समस्याओं का सटीक ताना-बाना बुनकर लोगों को भरोसे में लेते थे शातिर ठग
मध्य जोन के डीसीपी तारकेश्वर पटेल ने मामले की पूरी जानकारी साझा करते हुए बताया कि पीड़ित जसवंत परमार, जो कि फाफाडीह स्थित जय लक्ष्मी कॉम्प्लेक्स के निवासी हैं, ने गंज थाने में पहुंचकर इस संबंध में औपचारिक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि मार्च 2026 के दौरान तीन अज्ञात लोग साधु का वेश बनाकर उनके घर आए थे। इन शातिरों ने घर की महिला की बीमारी, आंखों की तकलीफ और अन्य घरेलू परेशानियों के बारे में ऐसी सटीक बातें कहीं कि पीड़ित परिवार पूरी तरह उनके झांसे में आ गया और उन पर आंख मूंदकर भरोसा करने लगा। इसके बाद बीमारी दूर करने और विशेष पूजा-पाठ कराने का झांसा देकर वे पहली बार पीड़ित की पत्नी से सोने की एक अंगूठी और कुछ नकदी ऐंठकर ले गए थे।
परिवार के सदस्यों की अनहोनी और मौत का खौफ दिखाकर लगातार करते रहे पैसों और जेवरात की मांग
पीड़ित ने आगे बताया कि घटना के करीब 10-12 दिन पश्चात वे शातिर ठग दोबारा घर पर आए और अनुष्ठान को आगे बढ़ाने का बहाना बनाकर फिर से ठगी को अंजाम दिया। आरोपियों ने पीड़ित परिवार को यह गहरी धमकी दी थी कि यदि उन्होंने इस पूरी बातचीत या लेनदेन के बारे में किसी अन्य व्यक्ति को बताया, तो उनके परिवार के किसी सदस्य की अस्वाभाविक मृत्यु हो जाएगी या कोई बड़ा अनिष्ट घटित हो जाएगा। इस गंभीर डर और अंधविश्वास के साए में परिवार खामोश रहा। इसके बाद 7 सितंबर को आरोपी लगातार फोन के माध्यम से पीड़ित पर दबाव बनाने लगे और और अधिक मात्रा में जेवरात तथा नकदी की मांग करने लगे। लगातार आ रही इन संदिग्ध मांगों के बाद पीड़ित की पत्नी को माजरा समझ आया और उनके साथ हुई बड़ी धोखाधड़ी का पर्दाफाश हुआ।
तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दबोचा, तीसरे फरार आरोपी की तलाश जारी
गंज थाने में ठगी का मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने गंभीरता दिखाते हुए तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया। पीड़ित की पत्नी को कॉल करने वाले मोबाइल नंबरों और अन्य संदिग्ध संपर्कों के तकनीकी साक्ष्य जुटाकर पुलिस लगातार अपराधियों की धरपकड़ में जुटी हुई थी। इसी दौरान प्राप्त मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के रहने वाले गुरुदयाल सिंह उर्फ दल्लू तथा एक अन्य नाबालिग को हिरासत में लिया। जब पुलिस ने दोनों से कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने अपने एक अन्य फरार साथी के साथ मिलकर साधु बनकर पूजा-पाठ का ढोंग रचने और लोगों को ठगने की बात कबूल कर ली। इस पूरे प्रकरण में अभी एक अन्य तीसरा आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा है, जिसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
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