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Janjgir Champa News: नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत की मांग, ईवीएम हटाकर बैलेट पेपर से कराए जाएं चुनाव; बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप

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जांजगीर-चांपा: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने आगामी सभी चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय बैलेट पेपर से कराए जाने की मांग उठाई है। महंत ने अपनी बात रखते हुए ईवीएम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि बीजेपी द्वारा ईवीएम में कथित रूप से हेराफेरी की जाती है, जिसके कारण हर आठवां या दसवां वोट सीधे उनके पाले में चला जाता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि बीजेपी प्रति विधानसभा क्षेत्र लगभग 5 करोड़ रुपए का उपयोग कर चुनावी नतीजों में फेरबदल करती है। ईवीएम में गड़बड़ी का ही परिणाम बताते हुए उन्होंने पूर्व मंत्री टीएस सिंहदेव का उदाहरण दिया, जो वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में बेहद कम अंतर यानी केवल 94 वोटों से पराजित हो गए थे।

देशभर में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम काटे जाने का आरोप, लोकतंत्र और संविधान को बताया खतरे में

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर चिंता जताई और कहा कि देश में तानाशाही शासन का माहौल तैयार किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश में राजनीतिक और प्रशासनिक अस्थिरता का दौर है, जिससे सीधे तौर पर हमारे लोकतंत्र और संविधान पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी विकट परिस्थितियों में केवल गांधी परिवार ही देश और संविधान की रक्षा कर सकता है। महंत ने दावा किया कि देश भर में सुनियोजित तरीके से 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। फॉर्म-6 के नियमों का हवाला देकर और धर्म, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) तथा अल्पसंख्यक समुदायों के वोट बड़े पैमाने पर काटे गए हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग के अधिकारियों पर भी सवाल उठाए और कहा कि इन तमाम गंभीर मामलों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ रही है।

शरद आहिरे का केंद्र सरकार पर तीखा हमला, सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 1 नवंबर को दिल्ली में महारैली

कांग्रेस के प्रदेश पर्यवेक्षक शरद आहिरे ने भी भारतीय जनता पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए उसे ‘क्रिमिनल माइंडेड’ पार्टी करार दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर हर चुनाव में अनुचित तरीकों से जीत हासिल करने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता ने कहा कि मतदाता सूची से नाम कटवाने के मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की भूमिका बेहद संदेहास्पद रही है, और जब तक उनका इस्तीफा नहीं होता, कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ का नारा बुलंद करते हुए कांग्रेस पार्टी आगामी 1 नवंबर को दिल्ली में एक विशाल राष्ट्रीय प्रदर्शन करने जा रही है। इस महारैली में अधिक से अधिक मतदाताओं और कार्यकर्ताओं को जोड़ने के लिए प्रदेश पर्यवेक्षक शरद आहिरे, संगठन सह प्रभारी विजय जांगिड़ और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत लगातार विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं।

विधानसभा चुनाव 2028 को लेकर चरणदास महंत का स्पष्ट संदेश, सामूहिक नेतृत्व में लड़ा जाएगा अगला चुनाव

आगामी राजनीतिक भविष्य और वर्ष 2028 के विधानसभा चुनावों को लेकर चर्चा करते हुए नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने स्पष्ट किया कि पार्टी आगामी चुनाव पूरी तरह से सामूहिक नेतृत्व के तहत लड़ेगी। चुनाव परिणामों के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता मिलकर मुख्यमंत्री के चेहरे पर अंतिम निर्णय लेंगे। महंत ने स्वीकार किया कि पिछले चुनावों के दौरान आपसी चर्चाओं और बयानों के कारण कुछ असमंजस की स्थिति जरूर बनी थी, लेकिन इस बार ऐसा कोई अवसर नहीं दिया जाएगा। पार्टी एकजुट होकर सामूहिक नेतृत्व में मैदान में उतरेगी और जीत हासिल करने के बाद ही सीएम पद के उम्मीदवार का विधिवत चयन किया जाएगा।

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