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ओंकारेश्वर एकात्म धाम में पंचायतन मंदिर का भूमिपूजन: CM डॉ. मोहन यादव ने किया शिलान्यास, बंशी पहाड़पुर के पत्थरों से बनेगा भव्य मंदिर

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खंडवा (मध्य प्रदेश): पवित्र तीर्थ ओंकारेश्वर स्थित एकात्म धाम में प्रस्तावित भव्य पंचायतन मंदिर का विधिवत भूमिपूजन गुरुवार सुबह लगभग 8 बजे शुभ मुहूर्त में संपन्न हुआ। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी धर्मपत्नी के साथ इस पावन धार्मिक अनुष्ठान में सम्मिलित हुए और शिलान्यास किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत की दिव्य संन्यास परंपरा के पूज्य प्रतिनिधि, षड्दर्शन संत मंडल के संतजन, जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह सहित कई विशिष्ट अतिथि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

🔱 सनातन परंपरा और समन्वय का प्रतीक: भगवान शिव के साथ विराजेंगे 5 प्रमुख देव

पंचायतन पूजा परंपरा का धार्मिक महत्व:

  • उपासना पद्धतियों का समन्वय: सनातन परंपरा में पंचायतन मंदिर को विभिन्न भक्ति और उपासना शैलियों के एकात्म व सामंजस्य का सर्वोच्च प्रतीक माना जाता है।

  • गर्भगृह और देव प्रतिमाएं: मंदिर के मुख्य गर्भगृह के केंद्र में देवाधिदेव महादेव भगवान शिव विराजित होंगे, जबकि उनके साथ चारों कोणों पर भगवान गणेश, भगवान श्रीहरि विष्णु, भगवान सूर्यदेव और आदिशक्ति मां भगवती देवी की पंचायतन स्वरूप में स्थापना की जाएगी।

  • आदि शंकराचार्य की विरासत: जगतगुरु आदि शंकराचार्य द्वारा विभिन्न सनातन उपासना परंपराओं के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए प्रारंभ की गई पंचायतन पूजा के पुनरुद्धार को इस मंदिर के माध्यम से ओंकारेश्वर में साकार रूप दिया जा रहा है।

🏛️ राजस्थान के बंशी पहाड़पुर के गुलाबी बलुआ पत्थरों से नागर शैली में होगा निर्माण

स्थापत्य कला और निर्माण की विशेषताएं:

  • नागर शैली की भव्यता: आचार्य शंकर की स्मृति को समर्पित यह मंदिर पारंपरिक भारतीय नागर शैली (Nagar Style) के अनुपम स्थापत्य पर आधारित होगा।

  • बंशी पहाड़पुर का गुलाबी पत्थर: मंदिर निर्माण में राजस्थान के विश्वप्रसिद्ध बंशी पहाड़पुर के उत्कृष्ट गुलाबी बलुआ पत्थरों (Pink Sandstone) का उपयोग किया जाएगा।

  • सांस्कृतिक और कला केंद्र: अनुपम नक्काशी और प्राचीन भारतीय वास्तुकला से सुसज्जित यह मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारतीय स्थापत्य कला एवं सांस्कृतिक वैभव का प्रमुख वैश्विक केंद्र बनेगा।

🌍 एकात्म धाम के दूसरे चरण के निर्माण को मिलेगी नई गति

आध्यात्मिक पर्यटन और विकास का प्रभाव:

  • वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र: एकात्म धाम परियोजना को विश्व स्तर पर विभिन्न दार्शनिक और आध्यात्मिक परंपराओं के समन्वय तथा अद्वैत वेदांत के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

  • निर्माण कार्यों में तेजी: पंचायतन मंदिर के शिलान्यास के साथ ही एकात्म धाम परियोजना के दूसरे चरण के निर्माण कार्यों को तीव्र गति मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

  • राष्ट्रीय पहचान: इस परियोजना से तीर्थनगरी ओंकारेश्वर की धार्मिक महत्ता के साथ-साथ उसकी सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पटल पर एक नई पहचान मिलेगी।

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