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मध्य प्रदेश निकाय व पंचायत चुनावों में बड़े बदलाव की तैयारी: अब 1 चरण में मतदान कराने पर विचार

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भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश में प्रस्तावित आगामी नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकता है। राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) चुनाव चरणों की संख्या को कम करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। वर्तमान चुनावी व्यवस्था के अंतर्गत त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव तीन चरणों में और नगरीय निकाय चुनाव दो चरणों में संपन्न कराए जाते हैं। इन चरणों के कारण प्रदेश में लंबे समय तक आदर्श आचार संहिता प्रभावी रहती है, जिससे नियमित विकास कार्य और सामान्य प्रशासनिक गतिविधियां बाधित होती हैं।

⚡ एक ही चरण में चुनाव कराने का प्रस्ताव: घटेगी आचार संहिता की अवधि

प्रस्तावित योजना और इसके लाभ:

  • चरणों में कटौती: प्रस्तावित नई व्यवस्था के तहत नगरीय निकायों के चुनाव दो चरणों के स्थान पर एक ही चरण में और त्रिस्तरीय पंचायतों के चुनाव तीन चरणों के बजाय एक ही चरण में कराए जाने की योजना है।

  • समय की बचत: पूरी चुनाव प्रक्रिया कम समय में पूरी हो सकेगी, जिससे चुनाव प्रबंधन पर प्रशासनिक तंत्र का दबाव कम होगा।

  • विकास कार्यों को गति: चुनाव अवधि सीमित होने से आदर्श आचार संहिता की समय-सीमा में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे जनहित और विकास से जुड़ी विकास परियोजनाओं पर विराम नहीं लगेगा।

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