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‘स्किल नई करेंसी और इनोवेशन नई इकॉनॉमी’: समृद्ध मध्य प्रदेश 2047 में बोले सीएम डॉ. मोहन यादव

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भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित ‘कंट्रीब्यूशन ऑफ सेंट्रली फंडेड इंस्टीट्यूशन फॉर समृद्ध मध्य प्रदेश 2047’ कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के समग्र विकास का विजन प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान दौर में कौशल (Skill) नई करेंसी और नवाचार (Innovation) नई अर्थव्यवस्था का आधार बन चुका है। ऐसे समय में राज्य के प्रमुख उच्च शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थानों को कौशल शोध, नवाचार और उद्यमिता का मुख्य केंद्र बनने की आवश्यकता है। मध्य प्रदेश तकनीक और नीतियों में अग्रणी राज्य है और सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक सभी पीढ़ियों को एक सूत्र में बांधकर समृद्ध प्रदेश का निर्माण करना है, जिसमें नागरिक समाज, उद्यमियों और सभी केंद्रीय संस्थानों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।

🔬 IIT इंदौर 10 हजार छात्रों को करेगा ट्रेंड, सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

आईआईटी इंदौर का योगदान और योजनाएं:

  • सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पर जोर: आईआईटी इंदौर के डायरेक्टर अजय कुशवाहा ने बताया कि मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और पारस सेमीकंडक्टर का प्रदेश में आना सकारात्मक संकेत है।

  • 10,000 युवाओं को प्रशिक्षण: संस्थान आगामी 5 वर्षों में सेमीकंडक्टर डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग के लिए 10 हजार छात्रों को कुशल और ट्रेंड मैनपॉवर के रूप में तैयार करेगा।

  • सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: संस्थान इस पूरे इकोसिस्टम के लिए राज्य सरकार को संपूर्ण तकनीकी सहयोग (Technical Support) प्रदान करेगा और प्रदेश की निवेश नीतियों की ब्रांडिंग में भी मदद करेगा।

🚁 IISER भोपाल करेगा नए तत्वों की खोज और कृषि सुरक्षा पर शोध

आइसर भोपाल की नवाचार परियोजनाएं:

  • ड्रोन टेक्नोलॉजी एवं ट्रेनिंग: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (IISER) भोपाल के निदेशक ने बताया कि संस्थान राज्य सरकार के साथ मिलकर ड्रोन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नवाचार और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दे रहा है।

  • नए तत्वों की खोज: शासन स्तर पर हुई बैठक के बाद राज्य में उपलब्ध नए भू-वैज्ञानिक तत्वों की खोज में संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • फसल सुरक्षा तकनीक: कृषि उत्पादन बढ़ाने और फसलों को विषैले तत्वों से बचाने के लिए उन्नत वैज्ञानिक पद्धतियों पर कार्य किया जा रहा है।

🏛️ IIM इंदौर संभालेगा एडमिनिस्ट्रेशन रिफॉर्म्स और 1000 पंचायतों का डिजिटाइजेशन

प्रशासनिक सुधार और ब्रांडिंग का खाका:

  • स्थानीय निकाय सुधार: आईआईएम इंदौर मध्य प्रदेश सरकार के साथ मिलकर लोकल बॉडीज और सामान्य प्रशासन में सुधार (Administrative Reforms) की दिशा में काम करेगा, जिससे 16वें वित्त आयोग में मध्य प्रदेश अग्रणी राज्य बन सके।

  • GCC पॉलिसी और डेटा सेंटर: संस्थान मध्य प्रदेश की ‘ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर पॉलिसी 2025’ और डेटा सेंटर्स के औद्योगीकरण को जमीन पर उतारने तथा उसकी ग्लोबल मार्केटिंग व ब्रांडिंग का जिम्मा संभालेगा।

  • पंचायती राज का डिजिटाइजेशन: आंध्र प्रदेश की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी पंचायती राज व्यवस्था के व्यापक डिजिटाइजेशन का प्रारूप तैयार किया जाएगा।

🔒 IIIT संभालेगा साइबर सुरक्षा का मोर्चा, भूकंपीय जोन-2 से निवेश को मिलेगा बढ़ावा

साइबर सुरक्षा और भौगोलिक लाभ:

  • IIIT की साइबर सिक्योरिटी विंग: ट्रिपलआईटी के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि डिजिटाइजेशन के विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा की जरूरत बढ़ेगी, जिसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित फैकल्टी की मदद से मजबूत सुरक्षा तंत्र तैयार किया जाएगा।

  • सिस्मिक जोन-2 का लाभ: एनआईटीटीटीआर (NITTTR) के डायरेक्टर डॉ. चंद्रचारू त्रिपाठी ने रेखांकित किया कि मध्य प्रदेश सिस्मिक जोन 2 (कम भूकंपीय खतरे वाला क्षेत्र) में स्थित है। इस स्थिरता के कारण यहां हाई-टेक सेमीकंडक्टर फैब और कारखाने लगाने पर औद्योगिक बीमा (Insurance Cost) और आधारभूत जोखिम की लागत काफी कम आती है।

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