चरखी दादरी के लाल रवि प्रकाश बेंगलुरु में शहीद: 8 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
चरखी दादरी (हरियाणा): जिले के कसानी (कासनी) गांव निवासी भारतीय सेना के जांबाज जवान रवि प्रकाश सांगवान बेंगलुरु में कर्तव्य पालन के दौरान शहीद हो गए।
मंगलवार को ग्राउंड पर फिजिकल ट्रेनिंग के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें तत्काल सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों के भरसक प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। शहीद रवि प्रकाश का पार्थिव शरीर बुधवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ तिरंगे में लिपटा हुआ उनके पैतृक गांव पहुंचा, जहां पूरा क्षेत्र ‘अमर शहीद रवि प्रकाश अमर रहे’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा।
🔥 8 वर्षीय बेटे देव सांगवान ने दी मुखाग्नि, पिता बोले- पोते को भी देश सेवा में भेजेंगे
शहीद जवान का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ संपन्न हुआ:
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मासूम बेटे ने दी मुखाग्नि: शहीद के 8 वर्षीय मासूम बेटे देव सांगवान ने जब अपने पिता की पार्थिव देह को मुखाग्नि दी, तो उपस्थित हर आंख नम हो गई।
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विशाल तिरंगा यात्रा: गांव के युवाओं और ग्रामीणों ने विशाल बाइक काफिले के साथ शहीद की अंतिम यात्रा निकाली और पुष्प वर्षा कर नमन किया।
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पिता का जज्बा: पिता कृष्ण सांगवान ने गर्व से कहा कि बेटे की शहादत पर उन्हें नाज है और वे अपने 8 वर्षीय पोते को भी फौज में भेजकर देश सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।
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जनप्रतिनिधियों की श्रद्धांजलि: दादरी विधायक सुनील सांगवान ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि शहीद किसी एक गांव, जाति या धर्म का नहीं, बल्कि संपूर्ण राष्ट्र का गौरव होता है। सिरसा सांसद कुमारी शैलजा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों व जिला प्रशासन ने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।
🪖 2015 में सेना में हुए थे भर्ती, ट्रेनिंग के अंतिम दिन बिगड़ी थी तबीयत
शहीद रवि प्रकाश के सैन्य सफर का विवरण:
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सैन्य करियर: रवि प्रकाश सांगवान वर्ष 2015 में भारतीय सेना की प्रतिष्ठित मद्रास-16 इंजीनियरिंग रेजिमेंट में भर्ती हुए थे।
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तैनाती व प्रशिक्षण: उनकी वर्तमान पदस्थापना कश्मीर में थी और वे बीते कुछ समय से हवलदार पद के प्रशिक्षण (Training) के लिए बेंगलुरु में थे।
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अंतिम दिन का हादसा: मंगलवार (18 अगस्त 2026) को उनकी ट्रेनिंग का आखिरी दिन था। सुबह ग्राउंड पर फिजिकल एक्टिविटी के दौरान अचानक आए कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) से उनका निधन हो गया।
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परिवार: शहीद अपने पीछे बुजुर्ग माता-पिता, धर्मपत्नी और 8 वर्ष के बेटे को छोड़ गए हैं।
📱 आखिरी रात वीडियो कॉल पर की थी बात, कहा था- ‘ट्रेनिंग पूरी कर जल्द लौटूंगा घर’
शहीद के जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है:
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आखिरी बातचीत: पिता श्रीकृष्ण सांगवान ने भावुक होते हुए बताया कि सोमवार रात रवि ने अपनी पत्नी और बेटे से वीडियो कॉल पर बातचीत की थी।
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घर लौटने की थी तैयारी: उन्होंने परिजनों को बताया था कि मंगलवार को उनकी ट्रेनिंग पूरी हो रही है और वे पदोन्नति पाकर जल्द ही छुट्टी लेकर घर लौटेंगे, लेकिन विधाता को कुछ और ही मंजूर था।
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