Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Delhi News: शराब प्रेमियों के लिए खुशखबरी, ब्रिटेन से आने वाली इम्पोर्टेड शराब हुई सस्ती; आधी हुई कस... Nal-Jal Yojana Sheopur: बुनियादी सुविधाओं से वंचित ग्रामीण, कुएं से पानी लाने को मजबूर बुढ़ेरा गांव ... Madhya Pradesh Tourism News: उमरिया में जू विकसित करने की कवायद तेज, छातन कैंप में चिन्हित की गई जमी... MP Crime News: कटनी से सिंगरौली ट्रेन में शराब की तस्करी कर रहा युवक गिरफ्तार, 2 बड़े बैग से 89 बोतल... Sardar Khan Biopic: भोपाल के समाजसेवी के जीवन पर बनेगी फिल्म, 310 से अधिक दिव्यांग-अनाथ बच्चों की बद... Madhya Pradesh High Court: मुरैना में अवैध रूप से चल रही ब्लैक ऑइल इकाइयों पर घिरा प्रशासन, मांगा गय... Chhatarpur News: खजुराहो के आदिवर्त संग्रहालय में गूंज रहे बुंदेली और बघेली लोकगीत, मां काली के खप्प... CM Mohan Yadav Jabalpur Visit: बरेला के पास ढाबे पर रुके मुख्यमंत्री, फ्री कोचिंग देने वाले युवा को ... Bandhavgarh Tiger Reserve: उमरिया सामान्य वन मंडल में हाथी की एंट्री, वन विभाग की टीम लोकेशन ट्रेस क... कश्मीर में मौसम का अनोखा मिजाज: अक्टूबर में गर्मी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, श्रीनगर और काजीगुंड में चढ़...

हजारीबाग में जर्जर सड़क को लेकर फूटा ग्रामीणों का आक्रोश, सड़क पर ही धान रोपकर जताया विरोध

12

हजारीबाग (झारखंड): देश आजादी का 80वां वर्षगांठ मना रहा है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और बुनियादी ढांचे की स्थिति आज भी बदहाल बनी हुई है। हजारीबाग जिले के ईचाक प्रखंड में भी लोग एक अदद पक्की सड़क के लिए वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं।

जिले के ईचाक प्रखंड अंतर्गत जोगीडीह गांव से फुफंदी चौक होते हुए मनाई चौक तक लगभग 9 किलोमीटर लंबी जर्जर सड़क को लेकर ग्रामीणों ने आंदोलन छेड़ दिया है। प्रशासन और सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए ग्रामीणों ने सड़क के बड़े-बड़े गड्ढों और कीचड़ के बीच सांकेतिक रूप से धान रोपकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

🚗 एक दशक से बदहाल है 9 किमी सड़क, एक दर्जन गांवों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित

ग्रामीणों के अनुसार यह मुख्य संपर्क मार्ग पिछले लगभग 10 वर्षों से उपेक्षा का शिकार है:

  • प्रभावित पंचायतें व गांव: इस 9 किलोमीटर लंबे मार्ग से दरिया, बरका खुर्द और डाडीघाघर पंचायत समेत एक दर्जन से अधिक गांवों के हजारों लोगों की रोजाना आवाजाही होती है।

  • बरसात में नारकीय स्थिति: पिछले करीब एक दशक से पक्की सड़क का निर्माण न होने के कारण बारिश के मौसम में यह मार्ग तालाब और दलदल में तब्दील हो जाता है।

  • स्वास्थ्य सेवाओं पर असर: सड़क की जर्जर हालत के चलते एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाने में भारी संकट का सामना करना पड़ता है।

  • किसानों की समस्या: ग्रामीण किसानों को अपनी फसल, खाद और बीज मंडी तक लाने-ले जाने में भारी आर्थिक नुकसान व कठिनाई झेलनी पड़ रही है।

⚠️ प्रशासन को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी, मांग पूरी न होने पर करेंगे घेराव

सड़क निर्माण की मांग को लेकर एकजुट हुए ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है:

  • घेराव की चेतावनी: प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन और सरकार ने सड़क निर्माण की दिशा में शीघ्र ठोस पहल नहीं की, तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा और जिला मुख्यालय पहुंचकर उपायुक्त (DC) कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

🗣️ डाडीघाघर मुखिया नंदकिशोर कुमार ने उठाई मांग: ‘लगातार हो रही दुर्घटनाएं, जल्द बने सड़क’

स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी ग्रामीणों की इस जायज मांग का समर्थन किया है:

  • मुखिया का बयान: डाडीघाघर पंचायत के मुखिया नंदकिशोर कुमार ने कहा कि सड़क के गड्ढों और जलभराव के कारण आए दिन राहगीर और दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं।

  • शीघ्र निर्माण की गुहार: उन्होंने राज्य सरकार और पथ निर्माण विभाग से जनहित को ध्यान में रखते हुए इस 9 किलोमीटर लंबे मार्ग की प्रशासनिक स्वीकृति देकर अविलंब पक्की सड़क निर्माण कराने की मांग की है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.