हरियाणा में सफाई और फायर कर्मचारियों की हड़ताल 18 अगस्त तक बढ़ी: 17 मांगों को लेकर सरकार से वार्ता विफल
चंडीगढ़ (हरियाणा): हरियाणा में नगर पालिका, नगर परिषद, नगर निगम, सीवर व्यवस्था और अग्निशमन विभाग (फायर ब्रिगेड) के कर्मचारियों का आंदोलन लगातार गति पकड़ता जा रहा है।
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा एवं हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन ने संयुक्त रूप से हड़ताल को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके चलते प्रदेशभर के सभी शहरी स्थानीय निकायों और फायर स्टेशनों में 18 अगस्त तक कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहेगा। कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया है कि 13 मई को सरकार के साथ हुए समझौते के अनुसार मांगों के क्रियान्वयन का आधिकारिक पत्र जारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
🇮🇳 स्वतंत्रता दिवस पर भी जारी रहा विरोध, ध्वजारोहण कर आयोजित की विचार गोष्ठियां
स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व पर भी कर्मचारी अपने हक की लड़ाई के लिए मोर्चे पर डटे रहे।
प्रदेशभर के पालिका परिषद और नगर निगम कार्यालयों में हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर ‘स्वतंत्र भारत में स्वदेशी सरकारों द्वारा सफाई एवं सीवर कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों’ विषय पर विचार गोष्ठियों का आयोजन किया गया। इन गोष्ठियों में सामाजिक, धार्मिक, किसान, मजदूर, दलित और विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने पहुंचकर आंदोलन को अपना खुला समर्थन दिया।
🤝 सरकार के साथ वार्ता विफल, 17 मांगों का क्रियान्वयन पत्र जारी न होने से आक्रोश
शनिवार को सरकार और कर्मचारी प्रतिनिधियों के मध्य आयोजित वार्ता पूरी तरह बेनतीजा रही।
नगरपालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने आरोप लगाया कि शासन स्तर पर केवल औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 13 मई को आयोजित बैठक में कर्मचारियों की 17 प्रमुख मांगों पर पूर्ण सहमति बनी थी, किंतु महीनों बीत जाने के बाद भी उनके क्रियान्वयन संबंधी शासनादेश (नोटिफिकेशन) जारी नहीं किए गए, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।
📋 ठेका प्रथा की समाप्ति, नियमित भर्ती और 50-50 लाख रुपये मुआवजे की मांग
कर्मचारी यूनियनों ने शासन के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें दोहराई हैं:
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पक्की भर्ती व नियमितीकरण: पालिका रोल पर कार्यरत सभी अनुबंध और दैनिक वेतनभोगी सफाई एवं सीवर कर्मियों को नियमित किया जाए तथा रिक्त पदों पर स्थायी भर्ती हो।
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ठेका प्रथा का खात्मा: विभागों से ठेकेदारी प्रथा को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाए।
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फायर कर्मियों की मांगें: अग्निशमन विभाग के अनुबंध कर्मचारियों का पक्का होना सुनिश्चित किया जाए।
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आर्थिक सहायता व भत्ते: शहीद कर्मचारी भविष्य चंद्र और रणवीर के आश्रित परिवारों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, जोखिम भत्ता और वर्दी भत्ता तुरंत लागू किया जाए।
🏛️ 17 अगस्त से सांसदों-विधायकों को सौंपेंगे ज्ञापन, विधानसभा सत्र में गूंजेगा मुद्दा
कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन को राजनीतिक स्तर पर विस्तारित करने की रणनीति बनाई है।
17 अगस्त से प्रदेशभर के सांसदों और विधायकों को मांग पत्र व ज्ञापन सौंपे जाएंगे। कर्मचारी नेताओं ने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे 27 अगस्त से प्रारंभ होने वाले हरियाणा विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में कर्मचारियों की वाजिब मांगों को प्रमुखता से उठाएं। इसके साथ ही विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठनों से समर्थन जुटाकर आंदोलन को निर्णायक मोड़ दिया जाएगा।
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