Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
"हर घर तिरंगा अभियान: आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों ने फहराया तिरंगा, देशभक्ति के गीतों से गूंजा आंगन... कलेक्टर-एसपी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह पूर्व तैयारियों का लिया जायजा कलेक्टर और एसपी ने परेड ग्राउ... जिला संयोजक ने ली छात्रावास अधीक्षकों की बैठक, शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम लाने के दिए निर्देश आगर-मालवा जिले में जन विश्वास अभियान के तहत 14 अगस्त को बड़ौद के गंगापुर में जन विश्वास शिविर, ग्राम... उज्जैन-आगर मालवा- झालवाड़ राष्ट्रीय राज्यमार्ग (NH-552G) की टेंडर प्रक्रिया को लेकर सांसद महेंद्र सि... सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: कर्नाटक में UAPA मामलों की रोजाना सुनवाई के लिए बनेगा अलग स्पेशल कोर्ट जस्टिस यशवंत वर्मा मामले में बड़ी कार्रवाई, राज्यसभा में पेश की गई 3 सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट देहरादून-मसूरी मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के दौरान भीषण भूस्खलन, सड़क पर गिरा भारी मलबा जालंधर के अवतार नगर में सनसनीखेज डबल मर्डर, कलयुगी युवक ने अपनी पत्नी और पिता की हत्या कर मचाया हड़क... 'जंतर-मंतर सीजन-2' का जल्द होगा आगाज: CJP फाउंडर अभिजीत दिपके का बड़ा ऐलान, हॉल न मिलने पर भाजपा पर ...

रांची: अनशनरत JPSC छात्रों के बीच देर रात पहुंचे DC-SSP; BJP बोली— ‘छात्रों को हटाने पहुंचे अधिकारी’, प्रशासन ने दी सफाई

2

रांची (झारखंड): जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) में व्यापक सुधारों सहित विभिन्न मांगों को लेकर रांची के ऐतिहासिक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे प्रतियोगी छात्रों के अनिश्चितकालीन आंदोलन के बीच मंगलवार देर रात करीब 1:30 से 2 बजे के मध्य पुलिस-प्रशासनिक टीम के अचानक पहुँचने से भारी विवाद और अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया।

आधी रात को शीर्ष अधिकारियों के आगमन, अनशनरत छात्रों से संवाद और कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की पड़ताल को लेकर आंदोलन स्थल पर सियासी सरगर्मी अत्यंत तीव्र हो गई। जहाँ विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष नेताओं ने पुलिस पर आंदोलन को कुचलने और छात्रों को जबरन उठाने का आरोप मढ़ा, वहीं जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी छात्र को हिरासत में लेने के उद्देश्य से टीम नहीं पहुँची थी, अपितु सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और बाहरी संदिग्ध तत्वों की पहचान हेतु अधिकारी मौके पर गए थे।

💬 ‘भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की, कोर कमेटी से नहीं की बात’, छात्र नेताओं ने जताई आपत्ति

घटनाक्रम के विषय में जानकारी देते हुए प्रमुख छात्र नेता पीयूष कुमार ने बताया कि देर रात रांची के एसएसपी (SSP), सिटी डीएसपी (DSP) और अन्य प्रशासनिक अधिकारी दल-बल के साथ स्टेडियम परिसर पहुँचे।

अधिकारियों ने आंदोलन स्थल पर डटे छात्रों और विगत कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थियों से वार्ता की। छात्र नेता के अनुसार, अधिकारियों ने अनशनकारियों से भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया तथा सीजीएल (CGL) अभ्यर्थियों से भी बातचीत की। हालाँकि, पीयूष ने दावा किया कि अधिकारियों ने आंदोलन की आधिकारिक कोर कमेटी के सदस्यों से संवाद करने से इनकार करते हुए सीधे छात्रों से बात करने की बात कही, जिससे आंदोलनकारियों में भारी असमंजस की स्थिति बन गई। इसी दौरान पुलिस द्वारा भीड़ में मौजूद कुछ व्यक्तियों की पहचान की जाँच की गई।

🕵️ इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर्स और आजमगढ़ के संदिग्ध युवक से पूछताछ, सिटी एसपी पारस राणा ने दी सफाई

प्रशासन का मुख्य ध्येय यह सुनिश्चित करना था कि निष्पक्ष छात्र आंदोलन की आड़ में कोई बाहरी अथवा असामाजिक तत्व स्थिति न बिगाड़ सके।

इसी चेकिंग के दौरान भीड़ से मास्क लगाए घूम रहा उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ का एक संदिग्ध युवक पकड़ा गया, जिससे पुलिस ने कड़ी पूछताछ की। पूरे प्रकरण पर स्थिति स्पष्ट करते हुए सिटी एसपी (City SP) पारस राणा ने कहा कि, “पुलिस किसी भी छात्र को हिरासत में लेने नहीं पहुँची थी। कुछ इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर्स (Instagram Influencer) केवल वीडियो वायरल कर सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए वहाँ पहुँचे थे और प्रशासन के पहुँचते ही छात्रों को हिरासत में लेने की झूठी अफवाह फैला दी गई।”

सिटी एसपी ने खुलासा किया कि स्वयं कोर कमेटी के सदस्यों ने प्रशासन को सूचित किया था कि कुछ असामाजिक तत्व आंदोलन को भटकाने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं, जिसकी सत्यता जाँचने ही पुलिस टीम वहाँ गई थी।

🔥 ‘रात के अंधेरे में दमन कर रही सरकार’, बाबूलाल मरांडी और अमर बाउरी ने की JPSC की CBI जांच की मांग

आधी रात के इस घटनाक्रम की खबर मिलते ही भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी तुरंत जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुँचे।

अमर बाउरी ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अमला शांतिपूर्ण ढंग से लोकतांत्रिक अधिकार माँग रहे मासूम छात्रों को डराने और जबरन उठाने पहुँचा था। वहीं, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि, “रात 1:30 बजे डीसी और एसएसपी का दलबल के साथ पहुँचकर छात्रों पर बल प्रयोग करना लोकतंत्र की हत्या है। सरकार परीक्षा रद्द कर लीपापोती करना चाहती है, जबकि अभ्यर्थी धांधली की जड़ तक पहुँचने के लिए सीबीआई (CBI) जाँच की माँग कर रहे हैं। सरकार आखिर सीबीआई जाँच कराने से क्यों कतरा रही है?”

🏥 ‘सुरक्षा और स्वास्थ्य की चिंता में पहुंचे थे अधिकारी’, रांची DC मंजूनाथ भजंत्री ने आरोपों को नकारा

दूसरी ओर, भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए रांची के उपायुक्त (DC) मंजूनाथ भजंत्री ने प्रशासनिक पक्ष रखा।

डीसी ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी केवल यह देखने गए थे कि कड़ाके की ठंड और बारिश के बीच अनशनरत छात्रों को कोई चिकित्सीय अथवा भौतिक परेशानी तो नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि दो छात्रों की स्थिति को देखते हुए उनसे अन्न-जल ग्रहण कर स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए लोकतांत्रिक ढंग से अपनी बात रखने का आग्रह किया गया था। डीसी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन निरंतर संवाद हेतु तत्पर है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि घटनाक्रम के दौरान पथराव व अव्यवस्था में 14 से अधिक पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं, और स्थिति को नियंत्रित करने हेतु अत्यंत सीमित बल का प्रयोग करना पड़ा था।

🎯 JPSC आंदोलन का अगला रुख, दावों और प्रति-दावों के बीच फंसा छात्रों का भविष्य

इस संपूर्ण घटनाक्रम से आंदोलनकारियों और जिला प्रशासन के दावों के बीच का अंतर पूरी तरह उजागर हो गया है।

एक तरफ जहाँ छात्र कोर कमेटी से वार्ता न करने और अनशन तोड़ाने के दबाव का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन इसे विशुद्ध रूप से सुरक्षा समीक्षा और असामाजिक तत्वों की पहचान की कार्रवाई करार दे रहा है। भाजपा द्वारा इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाए जाने के बाद, JPSC-JSSC सुधारों की माँग को लेकर जारी यह छात्र सत्याग्रह अब झारखंड की सियासत का सबसे मुख्य केंद्र बन चुका है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.