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धमतरी के बनियापारा वार्ड में गंदे पानी की सप्लाई से हड़कंप, पीलिया और टाइफाइड की चपेट में आए डेढ़ दर्जन लोग

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धमतरी (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के धमतरी शहर स्थित बनियापारा वार्ड में पेयजल पाइपलाइन से हो रही गंदे व दूषित पानी की आपूर्ति ने नगर निगम प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वार्डवासियों का दावा है कि नलों में सप्लाई हो रहा दूषित पानी पीने के कारण क्षेत्र के करीब डेढ़ दर्जन (15 से अधिक) नागरिक पीलिया (Jaundice) और टाइफाइड जैसी जलजनित बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं। कई गंभीर मरीजों को उपचार हेतु अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जबकि अनेक पीड़ित अपने घरों पर ही इलाज कराने को मजबूर हैं। विडंबना यह है कि इतना बड़ा स्वास्थ्य संकट खड़ा होने के बावजूद अब तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा वार्ड में कोई मेडिकल टीम नहीं भेजे जाने का गंभीर आरोप लगाया गया है।

🐛 नलों के पानी से निकल रहे थे कीड़े, शिकायत के बावजूद नहीं जागे जिम्मेदार अधिकारी

वार्ड के निवासियों के अनुसार, विगत कई दिनों से उनके घरों की नल पाइपलाइन से अत्यधिक बदबूदार, गंदा और कीड़ेयुक्त पानी आ रहा था।

स्थानीय नागरिकों ने पानी के सैंपल एकत्रित कर क्षेत्रीय पार्षद तथा नगर निगम के उच्चाधिकारियों को दिखाकर समस्या से अवगत कराया था, किंतु उस समय नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों ने इस गंभीर विषय को हलके में लेते हुए कोई त्वरित संज्ञान नहीं लिया। अब जब एक साथ भारी संख्या में लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ने लगे और मामला मीडिया की सुर्खियों में आया, तब जाकर नगर निगम प्रशासन की नींद खुली और पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य प्रारंभ कराया गया।

🗣️ “समय रहते नहीं हुई कार्रवाई”: वार्डवासियों ने बयां किया दर्द, एक-एक घर में चार-चार मरीज

क्षेत्रीय निवासी घनाराम सोनी ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि, “इलाक्के में पीलिया और टाइफाइड तेजी से पांव पसार रहा है। गंदे पानी की शिकायत हमने पहले ही दर्ज कराई थी, लेकिन समय रहते ध्यान नहीं दिया गया।”

वहीं स्थानीय निवासी सौरभ पंसारी ने बताया कि उनके अपने ही परिवार के चार सदस्य पीलिया और टाइफाइड से बुरी तरह पीड़ित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड में दूषित पेयजल के साथ-साथ जर्जर सड़कों के गड्ढों में जमा गंदा पानी भी बीमारी को बढ़ावा दे रहा है। पीड़ित बबला पटेल ने बताया कि लगभग 15 से अधिक लोग इस संक्रमण से प्रभावित हैं, जिनमें से दो की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है।

💧 जागी नगर निगम की नींद, जल सभापति पहुंचे मौके पर; दिए गए सैंपल जांच के आदेश

मामले के तूल पकड़ने और लगातार बढ़ती जन-शिकायतों के पश्चात नगर निगम प्रशासन हरकत में आया है।

नगर निगम के जल सभापति अखिलेश सोनकर ने स्वयं बनियापारा वार्ड का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित वार्डवासियों से चर्चा की। उन्होंने बताया कि आपूर्ति किए जा रहे जल के सैंपल जांच हेतु प्रयोगशाला (Lab) भेजे गए हैं और रिपोर्ट आते ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। एहतियात के तौर पर फिलहाल वार्डवासियों को पाइपलाइन के पानी का सीधे सेवन न करने की सख्त सलाह दी गई है और निगम की टीम द्वारा मरम्मत कार्य जारी है।

🛒 बाजार से बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर नागरिक, कई परिवार बीमारी की चपेट में

वर्तमान स्थिति यह है कि बनियापारा के रहवासियों को अपनी जान बचाने के लिए बाजार से जार व बोतलबंद पानी खरीदकर पीने को मजबूर होना पड़ रहा है।

स्थानीय निवासी अहमद रजा ने बताया कि वह स्वयं विगत 15 दिनों से पीलिया से पीड़ित हैं और चिकित्सकों ने उन्हें पानी के संक्रमण की पुष्टि की है। वार्डवासियों के अनुसार देवाशीष सोनी, जिज्ञासा यादव, काजल थवाईत, सृष्टि, सुमन, सात्विक मिश्रा, युग गंगवानी, सौरभ पंसारी, दिव्या पंसारी, अहमद चौहान, अरमान चौहान, अरीज फातिमा और शिव शंकर पटेल के परिजनों सहित कई लोग पीलिया के गंभीर संक्रमण से जूझ रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई है।

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