Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran Nuclear Crisis 2026: ईरान के पास 10 परमाणु बम बनाने लायक यूरेनियम, IAEA प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने ... मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीयों के लिए 'ऑपरेशन होम'! एयर इंडिया और इंडिगो की स्पेशल फ्लाइट्स आज से शुरू... LPG Shortage in India: भारत में गैस किल्लत का असर फास्ट फूड इंडस्ट्री पर, McDonald’s-KFC में मेनू छो... Amazon AI Health Expert: अमेजन ने लॉन्च किया एआई डॉक्टर, घर बैठे मिलेगा डायबिटीज और स्किन केयर टिप्स... Sheetla Ashtami 2026: आज मनाया जा रहा है बसौड़ा, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और शीतला माता को बासी ... Eid 2026 Fashion Tips: ईद लुक को परफेक्ट बनाने के लिए ये 5 एक्सेसरीज हैं लाजवाब, कश्मीरी चूड़ियों और... पूर्णिया में रिश्तों का कत्ल! हैवान ससुर ने गर्भवती बहू से की दरिंदगी की कोशिश, फिर मार डाला; मुर्गी... मार्च में मई जैसी आग! दिल्ली में पारा 36°C के पार, राजस्थान-गुजरात में 'लू' का अलर्ट; पहाड़ों पर बर्... ग्रेटर नोएडा में फिर मातम: 13वीं मंजिल से कूदी MBA छात्रा! सुसाइड से पहले रात को हुई थी ये बात; परिव... Youtuber Pushpendra Murder Case: दिल्ली में यूट्यूबर पुष्पेंद्र की हत्या, शरीर के गायब अंगों ने उलझा...

पीलीभीत में कुदरत का करिश्मा! श्मशान ले जाते समय गड्ढे ने बचाई जान; एम्बुलेंस को लगा झटका और ‘ब्रेन डेड’ महिला को आ गया होश

1

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसे सुनकर आप भी दांतों तले उंगलियां दबा लेंगे. जिस महिला को डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया था और जिनके अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, वो चमत्कारिक रूप से मौत के मुंह से वापस लौट आईं. मामला गोकुलपुरम कॉलोनी का है. यहां रहने वाली विनीता शुक्ला 22 फरवरी को अचानक घर में बेहोश होकर गिर पड़ी थीं. आनन-फानन में परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें बरेली के एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया.

बरेली के अस्पताल में विनीता को दो दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया. डॉक्टरों के मुताबिक, उनके शरीर में कोई हरकत नहीं थी, आंखों की पुतलियां फैल चुकी थीं और शरीर ब्रेन डेड जैसी स्थिति में पहुंच गया था. डॉक्टरों ने परिजनों को साफ कह दिया कि वेंटिलेटर हटाते ही उनकी मौत हो सकती है. भारी मन से परिवार उन्हें घर ले जाने के लिए एम्बुलेंस में सवार हुआ.

घर पर जुट चुके थे रिश्तेदार, श्मशान में तैयारी थी पूरी

24 फरवरी को जब विनीता को एम्बुलेंस से घर लाया जा रहा था, तब घर का माहौल मातम में डूबा था. अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियों का इंतजाम हो चुका था, रिश्तेदार और पड़ोसी अंतिम विदाई के लिए दरवाजे पर जमा थे. लेकिन तभी कुदरत ने अपना खेल दिखाया.

एम्बुलेंस में आया झटका और लौट आई जिंदगी

रास्ते में अचानक विनीता के शरीर में एक तेज झटका महसूस हुआ. दरअसल, गड्ढे के कारण एंबुलेंस को झटका लगा था. इस कारण विनीता को भी ये तेज झटका महसूस हुआ. परिजनों ने गौर किया तो महिला को तो होश आने लगा है. चमत्कार देख परिवार उन्हें श्मशान ले जाने के बजाय तुरंत पीलीभीत के डॉक्टर राकेश न्यूरो सिटी हॉस्पिटल लेकर पहुंचा. वहां 14 दिनों तक चले गहन उपचार के बाद विनीता की हालत में जादुई सुधार हुआ. अब वो पूरी तरह स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुकी हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Please Pay your remaining balance to remove this banner !
इस बैनर को हटाने के लिए कृपया अपनी बकाया राशि का भुगतान करें !