Women’s Day 2026: केरल में राहुल गांधी ने छात्राओं से की दिल की बात, महिला सशक्तिकरण और ‘Identity’ पर दिया ऐसा जवाब कि बज उठी तालियां
हर साल 8 मार्च को महिलाओं और उनकी कामयाबियों को सम्मान देने के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है. यह दिन महिलाओं के सम्मान, उनके अधिकारों और समाज में उनके योगदान को याद करने और सराहने का खास अवसर होता है. तमाम नेता भी महिलाओं के इस दिन को मना रहे हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी महिला दिवस की शुभकामनाएं दी हैं. इसके साथ ही उन्होंने छात्रों से बातचीत का एक वीडियो भी शेयर किया है.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि केरल में कुछ युवा छात्राओं के साथ हुई बातचीत बेहद प्रेरणादायक रही. उनका आत्मविश्वास और सपनों पर विश्वास बताता है – महिलाएं बदलाव की सबसे बड़ी शक्ति हैं. सभी को #InternationalWomensDay की हार्दिक शुभकामनाएं.
राहुल ने जानी केरल की परंपरा
राहुल गांधी ने छात्राओं बातचीत के दौरान हाथ से खाना खाने के तरीके और वजह को लेकर सवाल किया है. केरल की रहने वाला छात्रा ने बताया कि यह एक तरह की परंपरा है. खास मौकों पर लोग आमतौर पर दाहिने हाथ से खाना खाते हैं. रोजमर्रा के खाने में भी ज्यादातर लोग दाहिने हाथ का ही इस्तेमाल करते हैं, हालांकि कभी-कभी दोनों हाथों का उपयोग भी हो सकता है.
राहुल से एक छात्रा ने सवाल किया जिसके जवाब में राहुल ने कहा कि P. T. Usha एक महान खिलाड़ी हैं और लाखों लोगों के लिए प्रेरणा हैं. ड़की की तरह दौड़ने में कुछ भी गलत नहीं है. अगर आपको कोई चिढ़ाता है तो डरने की जरूरत नहीं है.
महिलाओं को अपनी पहचान को खुद तय करने का अधिकार- राहुल
महिला दिवस के मौके पर राहुल गांधी ने महिलाओं को लेकर भी छात्राओं से बातचीत की है. एक सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि दुनिया लंबे समय तक पुरुष-प्रधान रही है, जहां अक्सर नियम और मानक पुरुषों के नज़रिये से तय किए गए. लेकिन अब समय बदल रहा है. महिलाओं को अपने सपनों और अपनी पहचान को खुद तय करने का अधिकार है, और उन्हें महिला होने पर कभी शर्मिंदा नहीं होना चाहिए.
मेरी दादी थीं सुपर बॉस- राहुल
राहुल ने बताया वह ऐसे परिवार में बड़े हुए हैं, जहां का पूरा नेतृत्व ही महिलाओं के हाथों में रहा है.सच में बहुत प्रेरणादायक होता है.दादी बहुत मजबूत और प्रभावशाली व्यक्तित्व थीं. वही हमारी सुपर बॉस थीं. महिलाएँ सच में अद्भुत होती हैं.वे मजबूत, बुद्धिमान और अपने लक्ष्य हासिल करने में पूरी तरह सक्षम हैं.
क्या हैं महिलाओं के सामने चुनौती?
राहुल गांधी ने कहा कि आज महिलाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में कुछ ये हैं. रूढ़िवादी सोच (स्टीरियोटाइप) कई जगह अभी भी महिलाओं से सीमित भूमिकाओं की उम्मीद की जाती है. समान अवसर की कमी शिक्षा, नौकरी और नेतृत्व पदों में बराबरी अभी पूरी तरह नहीं आई है. सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे समाज में सुरक्षित माहौल बनाना अभी भी एक बड़ी चुनौती है.
इन्हें बदलने के लिए हम सब मिलकर ये कदम उठा सकते हैं.शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देना. घर और समाज में समानता की सोच विकसित करना भी जरूरी है. इसके साथ ही महिलाओं को नेतृत्व और निर्णय लेने के मौके देना चाहिए. गलत व्यवहार और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाना जब पुरुष और महिलाएं साथ मिलकर बराबरी और सम्मान के लिए काम करेंगे, तभी असली बदलाव आएगा.
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.