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Haryana Rajya Sabha Election 2026: सतीश नांदल की एंट्री से बढ़ी टेंशन, हुड्डा के आवास पर कांग्रेस विधायकों की अहम बैठक, जानें रणनीति

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 हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव ने एक नाटकीय मोड़ ले लिया है। दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक चल रही है। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस अपने विधायकों को टूटने से बचाने के लिए उन्हें जल्द ही किसी दूसरे राज्य में शिफ्ट कर सकती है।

शुरुआत में यह चुनाव एकतरफा लग रहा था, लेकिन भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश नांदल द्वारा निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल करने से समीकरण बदल गए हैं। अब मैदान में तीन मुख्य चेहरे हैं संजय भाटिया (भाजपा), कर्मवीर सिंह बौद्ध (कांग्रेस),  सतीश नांदल (निर्दलीय – भाजपा समर्थित)।

कांग्रेस के पास वर्तमान में 37 विधायक हैं, जो एक सीट जीतने के लिए (आवश्यक 31 वोट) पर्याप्त हैं। हालांकि, हरियाणा कांग्रेस का इतिहास ‘क्रॉस-वोटिंग’ और ‘पेन कांड’ जैसी घटनाओं से भरा रहा है। 2022 में पर्याप्त संख्या बल होने के बावजूद अजय माकन को हार का सामना करना पड़ा था। इसी खतरे को देखते हुए हुड्डा खेमा इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अपने सभी 37 विधायकों को राजस्थान या हिमाचल प्रदेश के किसी रिसॉर्ट में भेज सकती है। कर्मवीर सिंह बौद्ध (SC समुदाय) को उतारकर कांग्रेस ने बड़ा दांव खेला है, जिसे एकजुट रखना हुड्डा के लिए बड़ी चुनौती है। सतीश नांदल को भाजपा के अतिरिक्त 17 वोटों और कुछ निर्दलीय विधायकों का समर्थन मिलने की उम्मीद है। उनकी नजर कांग्रेस के असंतुष्ट खेमे पर टिकी है।  “हुड्डा और बौद्ध की यह मुलाकात सिर्फ शिष्टाचार नहीं, बल्कि 16 मार्च को होने वाली वोटिंग के लिए ‘सुरक्षा चक्र’ तैयार करने की कवायद है।”

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