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Women’s Day 2026: सुरक्षा के बड़े-बड़े वादे, लेकिन देवघर के ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ की हालत बदहाल, कैसे सुरक्षित होंगी महिलाएं?

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देवघर: 8 मार्च को पूरे देश में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाएगा. इस दिन समाज से लेकर सरकार तक महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण का संकल्प लिया जाता है. महिलाओं को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कई योजनाएं और संस्थाएं चलाई जा रही हैं, ताकि पीड़ित और शोषित महिलाओं को सहारा मिल सके.

इन्हीं प्रयासों के तहत महिलाओं की मदद के लिए ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ की स्थापना की गई. नाम से ही स्पष्ट है कि यह ऐसा केंद्र है जहां किसी भी तरह की हिंसा, उत्पीड़न या पारिवारिक प्रताड़ना का शिकार हुई महिलाएं सुरक्षित माहौल में कुछ समय के लिए ठहर सकती हैं. यहां उन्हें न सिर्फ आश्रय मिलता है, बल्कि भोजन, परामर्श और आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है. लेकिन देवघर के इस सखी वन स्टॉप सेंटर के संचालन में अब काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.

देवघर के सदर अस्पताल परिसर में भी सखी वन स्टॉप सेंटर संचालित हो रहा है. सेंटर की प्रभारी अनुपम शर्मा बताती हैं कि इस केंद्र के माध्यम से कई पीड़ित महिलाओं को राहत और सहारा मिल रहा है. हालांकि, सेंटर के संचालन में कई तरह की चुनौतियां भी सामने आ रही हैं.

उन्होंने बताया कि यहां सबसे बड़ी समस्या कर्मचारियों की कमी का है. नियमानुसार, इस केंद्र में करीब 12 कर्मचारियों की जरूरत है, लेकिन फिलहाल केवल पांच से छह कर्मचारी ही कार्यरत हैं. सीमित संसाधनों और कम स्टाफ के बीच ही पूरे सेंटर की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है.

वहीं, अन्य समस्याओं को लेकर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने इस पर ज्यादा कुछ कहने से परहेज किया. हालांकि, सेंटर की स्थिति को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं. कुछ समय पहले महिला आयोग की एक सदस्य ने सखी वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण किया था, जिसमें कई कमियां सामने आई थीं.

गौरतलब है कि सखी वन स्टॉप सेंटर की शुरुआत केंद्र सरकार की पहल पर की गई है, जबकि इसका संचालन राज्य सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जाता है. इस संबंध में जब समाज कल्याण विभाग की पदाधिकारी रंजना कुमारी से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने भी सेंटर की व्यवस्थाओं पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया देने से परहेज किया.

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