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PhonePe IPO से पहले बड़ा खुलासा! 4.7 करोड़ मर्चेंट के साथ बाजार में उतरने की तैयारी, DRHP में सामने आए आंकड़े

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भारत की प्रमुख डिजिटल पेमेंट कंपनी PhonePe अब अपने IPO की तैयारी में जुट गई है. इसी बीच कंपनी द्वारा दाखिल किए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में उसके बड़े मर्चेंट (व्यापारी) नेटवर्क और कमाई के मॉडल से जुड़ी अहम जानकारियां सामने आई हैं. डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक फोनपे का मर्चेंट नेटवर्क अब 4.7 करोड़ से ज्यादा व्यवसायों तक पहुंच चुका है. यह नेटवर्क देश के लगभग हर पिन कोड तक फैला हुआ है और कंपनी इसे एक बड़े रेवेन्यू इंजन के रूप में विकसित कर चुकी है.

देशभर में 4.7 करोड़ व्यापारियों का नेटवर्क

सेबी (SEBI) को दिए गए डॉक्यूमेंट्स के अनुसार 30 सितंबर 2025 तक फोन-पे के साथ रजिस्टर्ड व्यापारियों की संख्या 4.71 करोड़ तक पहुंच गई. इसका मतलब है कि कंपनी का नेटवर्क भारत के लगभग 98.61 प्रतिशत पिन कोड तक फैल चुका है. मार्च 2025 तक यह नेटवर्क देश के कुल व्यापार और सर्विस सेक्टर के लगभग 77 से 80 प्रतिशत व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करता था. वहीं हर महीने सक्रिय व्यापारियों की संख्या 1.13 करोड़ से ज्यादा रही, जो भारत के कुल सक्रिय UPI व्यापारियों का लगभग 54 प्रतिशत हिस्सा है.

हार्डवेयर नेटवर्क बना कमाई का मजबूत जरिया

फोनपे ने अपने व्यापारी नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए बड़ी संख्या में फिजिकल पेमेंट डिवाइस भी तैनात किए हैं. कंपनी के मुताबिक देशभर में 9.19 मिलियन (91.9 लाख) से ज्यादा डिवाइस लगाए जा चुके हैं. इनमें खास तौर पर स्मार्टस्पीकर जैसे डिवाइस शामिल हैं जो भुगतान की जानकारी तुरंत आवाज में बताते हैं. यही डिवाइस व्यापारियों तक बिजनेस अपडेट और अलर्ट भी पहुंचाते हैं. इस नेटवर्क को संभालने के लिए कंपनी के पास 25,000 से ज्यादा फील्ड टीम सदस्य और करीब 31,000 एजेंट काम कर रहे हैं, जो खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तार कर रहे हैं.

मर्चेंट लेंडिंग में तेज रफ्तार

DRHP में सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र Merchant Lending (व्यापारी लोन) बताया गया है. फोनपे अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद व्यापारियों के ट्रांजैक्शन डेटा का उपयोग करके पार्टनर लेंडर्स को क्रेडिट इनसाइट्स उपलब्ध कराता है. इसी के आधार पर व्यापारियों को बिना किसी गिरवी के लोन मिल सकता है. आंकड़ों के अनुसार लोन वितरण FY2023 में सिर्फ 11 करोड़ रुपये था, जो FY2025 तक बढ़कर 4,507 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. वहीं FY2026 की पहली छमाही में ही लेंडिंग से कंपनी को 288.087 करोड़ की कमाई हो चुकी है.

पेमेंट से आगे बढ़कर बना बड़ा फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म

फोनपे का मर्चेंट पेमेंट्स सेगमेंट FY2025 में लगभग 19,91.036 करोड़ रुपये का राजस्व लेकर आया, जो कंपनी की कुल आय का करीब 28 प्रतिशत हिस्सा है. कंपनी के मुताबिक उसके प्लेटफॉर्म पर व्यापारियों का कुल सालाना भुगतान मूल्य यानी मर्चेंट टीपीवी करीब 15 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. इससे साफ है कि फोनपे अब सिर्फ डिजिटल पेमेंट ऐप नहीं बल्कि एक बड़ा फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म बनता जा रहा है.

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