Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
सोनीपत में हाय राम! कार के अंदर 12वीं का पेपर सॉल्व कर रही थीं 3 महिला टीचर, फोन में मिलीं प्रश्नों ... झज्जर के किसान के बेटे ने रचा इतिहास! 4 बार फेल होने पर भी नहीं मानी हार, अब UPSC में हासिल किया 191... घर खरीदारों से धोखाधड़ी पर ED का बड़ा एक्शन! सोनीपत में 206 करोड़ की संपत्ति कुर्क, हड़कंप जेल प्रशासन की खुली पोल! हवालातियों से नशीले पदार्थ मिलने का सिलसिला जारी, 2 के खिलाफ FIR दर्ज Punjab Debt News: पंजाब के कर्ज पर सियासत तेज, परगट सिंह ने मान सरकार पर साधा निशाना, गिनाईं नाकामिय... पंजाब के आढ़तियों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा! इस दिन से शुरू होगा बड़ा आंदोलन, संघर्ष का बजा बिगु... Punjab School News: पंजाब सरकार ने स्कूलों के लिए जारी किए नए दिशा-निर्देश, जानें क्या बदला और कब से... Punjab Weather: मार्च के पहले हफ्ते में ही क्यों छूट रहे पसीने? मौसम विभाग ने बताया भीषण गर्मी का ये... Ludhiana Crime: लुधियाना में मां-बेटी पर पेट्रोल छिड़क लगाई आग, आरोपी युवक भी बुरी तरह झुलसा, इलाके ... Nancy Grewal Murder Case: नैंसी की बहन का रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा, बोलीं- 'दोस्त ने 15 दिन प...

उत्तराखंड ने फिर मारी बाजी! नए कानून लागू करने में देश के सभी राज्यों को पछाड़ा, बना ‘टॉप स्टेट’

2

उत्तराखंड ने ​भारत की न्यायिक और कानून प्रवर्तन प्रणाली के आधुनिकीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर स्थापित किया है. उत्तराखंड ने इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) 2.0 के राष्ट्रीय कार्यान्वयन में देश में प्रथम स्थान हासिल किया है.जनवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, यह गौरवपूर्ण उपलब्धि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दूरदर्शी मार्गदर्शन और तकनीक-आधारित न्याय प्रणाली के उनके संकल्प का प्रतिफल है.

उत्तराखंड को मिले 93.46 स्कोर

​राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के नवीनतम CCTNS/ICJS प्रोग्रेस डैशबोर्ड के अनुसार, उत्तराखंड ने 93.46 के उत्कृष्ट स्कोर के साथ राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त किया है. राष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष पांच राज्यों का प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय रहा है, जिसमें उत्तराखंड 93.46 के स्कोर के साथ पहले स्थान पर है, जिसके बाद हरियाणा 93.41 के स्कोर के साथ दूसरे, असम 93.16 के स्कोर के साथ तीसरे, सिक्किम 91.82 के स्कोर के साथ चौथे और मध्य प्रदेश 90.55 के स्कोर के साथ पांचवें स्थान पर काबिज है.

धामी का ‘मिशन-मोड’ क्रियान्वयन

मुख्यमंत्री धामी ने शासन के शीर्ष अधिकारियों से लेकर जनपद स्तर के फील्ड अधिकारियों के साथ निरंतर समीक्षा बैठकें कीं. इस ‘टॉप-टू-बॉटम’ मॉनिटरिंग के कारण ही तकनीकी बाधाओं को समय रहते दूर किया जा सका और पुलिस विभाग नए कानूनी ढांचे के अनुरूप स्वयं को ढालने में सफल रहा.

अमित शाह ने की उपलब्धि की सराहना

​उत्तराखंड पुलिस के प्रवक्ता और पुलिस महानिरीक्षक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) सुनील कुमार मीणा ने इस रैंकिंग की पुष्टि करते हुए कहा कि राज्य ने तकनीकी बुनियादी ढांचे को लागू करने के साथ-साथ रीयल-टाइम डेटा एंट्री में भी रिकॉर्ड स्थापित किया है.

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उच्च स्तरीय बैठकों में उत्तराखंड की इस “वन डेटा, वन एंट्री” कुशलता की विशेष रूप से सराहना की है. इस समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ उत्तराखंड आज देश के लिए “स्मार्ट पुलिसिंग” का आदर्श मॉडल बनकर उभरा है.

​”वन डेटा, वन एंट्री” की कुशलता

​उत्तराखंड की इस उपलब्धि का आधार ICJS 2.0 की “वन डेटा, वन एंट्री” प्रणाली है. इसके तहत पुलिस (CCTNS), ई-कोर्ट, ई-जेल, ई-अभियोजन और ई-फॉरेंसिक के बीच डेटा का निर्बाध प्रवाह सुनिश्चित किया गया है. एक बार डेटा दर्ज होने के बाद वह सभी संबंधित विभागों को तुरंत उपलब्ध हो जाता है, जिससे कागजी कार्रवाई कम हुई है और मुकदमों के निस्तारण में तेजी आई है. पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘ई-साक्ष्य’ ऐप के माध्यम से अपराध स्थल की वीडियोग्राफी और डिजिटल साक्ष्यों का सुरक्षित संग्रहण अनिवार्य किया गया है.

​प्रमुख सफलता के बिंदु

​व्यापक प्रशिक्षण: प्रदेश के 23,000 से अधिक पुलिस कर्मियों को नए कानूनों की बारीकियों का गहन प्रशिक्षण दिया गया.​तकनीकी सुदृढ़ीकरण: ‘न्याय श्रुति’ के माध्यम से वर्चुअल अदालती सुनवाई और फॉरेंसिक मोबाइल वैन की उपलब्धता को प्राथमिकता दी गई.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Please Pay your remaining balance to remove this banner !
इस बैनर को हटाने के लिए कृपया अपनी बकाया राशि का भुगतान करें !