बड़ा खुलासा: शंकराचार्य पर FIR कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी का खौफनाक अतीत! रेप और मर्डर जैसे संगीन आरोपों से भरी है क्राइम कुंडली
उत्तर प्रदेश के धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर शोषण के मुकदमे की काफी चर्चा है. इस मुकदमे के साथ ही अशुतोष ब्रह्मचारी भी चर्चा के केंद्र में हैं. दरअसल, अशुतोष ब्रह्मचारी ने ही शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके सहयोगी के खिलाफ यौन शोषण का मुकदमा दर्ज करवाया है. हालांकि, केस दर्ज होने के साथ ही आशुतोष ब्रह्मचारी खुद विवादों के घेरे में आ गए हैं.
शंकराचार्य ने आशुतोष को हिस्ट्रीशीटर बताते हुए दावा किया कि उनके खिलाफ दो दर्जन से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें गौ-हत्या, बलात्कार, ठगी और जमीन कब्जाने जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं. वहीं, आशुतोष खुद को सहारनपुर की शाकुम्भरी पीठ से जुड़ा संत बताते हैं. हालांकि, पुलिस का रिकॉर्ड उनके दावों की पोल खोलता नजर आ रहा है.
कब शुरू हुआ विवाद?
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब आशुतोष ने प्रयागराज में शंकराचार्य और उनके सहयोगी पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई. इस कदम से आशुतोष एकाएक सुर्खियों में आ गए, लेकिन अब शंकराचार्य के पलटवार ने मामले को नया मोड़ दे दिया है. शंकराचार्य ने कहा, ‘आशुतोष कोई संत नहीं, बल्कि एक हिस्ट्रीशीटर है. उसके खिलाफ दर्जनों मुकदमे हैं, जो उसके चरित्र को उजागर करते हैं.’
इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में पुलिस रिकॉर्ड के पन्ने खंगाले जाने लगे. इस बीच पुलिस रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि आशुतोष ब्रह्मचारी उर्फ आशुतोष पांडेय उर्फ अश्वनी सिंह का अपराध रिकॉर्ड काफी लंबा है. शामली जिले के कांधला थाने में उनकी हिस्ट्रीशीट नंबर 76A दर्ज है. उनके खिलाफ लगभग दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज बताए जाते हैं, जो शामली, गोंडा, मुजफ्फरनगर और लखनऊ जैसे जिलों में दर्ज हैं.
क्या कहते हैं पुलिस रिकॉर्ड?
पुलिस दस्तावेजों के मुताबिक, राजेंद्र सिंह के बेटे आशुतोष ब्रह्मचारी का आपराधिक रिकॉर्ड वर्ष 2002 से शुरू होता है. शामली के कांधला थाना के तहत आने वाले मौजा रायजादगंज के रहने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हैं.
ये मामले संगठित अपराध से लेकर व्यक्तिगत अपराधों तक फैले हुए हैं. इनमें प्रमुख रूप से गौ-हत्या और तस्करी से जुड़े गौवध निषेध अधिनियम के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं. गोंडा में गो-तस्कर माजिद हसन के साथ मिलकर रिश्वत देने की कोशिश का भी मामला दर्ज हुआ था.
हिस्ट्री शीट नंबर 76ए: मामलों की लिस्ट

एसपी नवनीत राणा ने स्टिंग ऑपरेशन के जरिए उन्हें जेल भेजा था. गोमांस व्यापार के भी आरोप लगे हैं. मुकदमा संख्या 1175/12 के तहत 3/5 गौवध अधिनियम तथा 8, 9, 10 एंटी करप्शन एक्ट, कोतवाली नगर में दर्ज बताया गया है.
बलात्कार के मामलों में भी धारा 376 के तहत गंभीर आरोप दर्ज हैं. एक विधवा महिला आभा वर्मा के साथ गैंगरेप के मामले में आशुतोष, विनीत शर्मा और शुभम आरोपी बताए गए हैं. एक दलित महिला से दुष्कर्म का मामला भी दर्ज होने की बात सामने आई है.
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.