नोएडा में गहराया जल संकट: 6 महीने से प्यासी है पूरी सोसाइटी, 950 परिवारों ने पानी पर फूंक दिए 11 लाख!
नोएडा के सेक्टर 78 स्थित अंतरिक्ष गोल्फ व्यू 2 सोसाइटी में पिछले 6 महीने से जारी पेयजल संकट अब बड़ा विवाद बन गया है. करीब 950 परिवारों वाली सोसाइटी में नियमित जल आपूर्ति ठीक न होने के कारण लोगों को निजी टैंकरों के सहारे पानी मंगवाना पड़ रहा है. अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच ही टैंकरों पर लगभग 11.33 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं. सोसाइटी के निवासियों का कहना है कि प्राधिकरण से शिकायत के बावजूद इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है.
6 महीने से पानी की किल्लत, टैंकर ही सहारा
सोसाइटी निवासी बृजेश शर्मा का कहना है कि सोसाइटी में बीते 6 महीने से पानी की आपूर्ति बाधित है. हालात ऐसे हैं कि रोजमर्रा की जरूरतें जैसे रसोई, नहाने और साफ-सफाई के लिए भी निजी टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं, जिसका सीधा खर्च सोसाइटी के निवासियों की जेब पर पड़ रहा है.
सोसाइटी निवासी रंजन समंतराय का कहना है कि नियमित मेंटेनेंस शुल्क देने के बावजूद सोसाइटी में मूलभूत सुविधाओं के लिए निवासियों को अलग से भुगतान करना पड़ रहा है, जिससे परिवारों पर दोहरी आर्थिक मार पड़ रही है. वहीं कई निवासियों का यह भी कहना है कि पानी की किल्लत के बावजूद प्राधिकरण इस मामले पर कोई गंभीर निर्णय नहीं ले रहा है.
8 घंटे में मांगा जवाब
सोसाइटी निवासियों ने नोएडा प्राधिकरण और जल विभाग को पत्र लिखकर 8 घंटे के भीतर विस्तृत कार्ययोजना सार्वजनिक करने की मांग की है. उनका कहना है कि या तो स्थायी जल कनेक्शन की व्यवस्था तुरंत की जाए या फिर भुगतान और बकाया की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए. वहीं बिल्डर पक्ष की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सोसाइटी निवासियों ने कनेक्शन शुल्क जमा नहीं किया है.
सोसाइटी में कुल 950 जल कनेक्शन प्रस्तावित हैं, लेकिन इनमें लगभग 450 लोगों ने अब तक आधिकारिक कनेक्शन नहीं लिया है. उनका यह भी कहना है कि 450 लोगों में से केवल करीब 100 लोगों ने कनेक्शन शुल्क जमा किया है, बाकी का भुगतान अभी शेष है. वहीं सोसाइटी निवासियों का कहना है कि जिनसे पैसा लिया जा रहा है, उन्हें भी नियमित पानी नहीं मिल रहा है. इसी कारण कई लोग कनेक्शन शुल्क देने से हिचकिचा रहे हैं.
बिल्डर ने नहीं जमा किया जलबोर्ड का लाखों रुपये बकाया
जल निगम के अधिकारी ए.के. अरोड़ा का कहना है कि बिल्डर को कई बार नोटिस जारी किया जा चुका है. बिल्डर पर जल निगम का करीब 19.4 लाख रुपये शुल्क बकाया है. कई बार नोटिस देने के बाद भी बिल्डर ने शुल्क जमा नहीं किया है. जनसुनवाई में भी कई बार बिल्डर को बुलाया गया, लेकिन बिल्डर की तरफ से कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है. इस संबंध में बिल्डर के खिलाफ डीएम के माध्यम से आरसी जारी की जाएगी.
इस बारे में समिति निवासी दीनानाथ मिश्रा ने बताया कि जब बिल्डर ने जिस भी बायर को रहने के लिए फ्लैट दिया, तो उसे पानी का भी कनेक्शन दिया होगा. बिल्डर अपनी जवाबदेही से पल्ला झाड़ रहा है. सोसाइटी निवासियों द्वारा हर महीने मेंटेनेंस का नियमित भुगतान किया जा रहा है, लेकिन बिल्डर द्वारा यह राशि जमा नहीं कराई जा रही है.
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