खाकी की संवेदनशीलता: अपनों से बिछड़ी मानसिक रूप से अस्वस्थ युवती के लिए फरिश्ता बनी दंतेवाड़ा पुलिस, ऐसे पहुंचाया घर
दंतेवाड़ा: जिले में पुलिस ने एक बार फिर यह साबित किया कि वर्दी के पीछे भी एक संवेदनशील दिल होता है. बचेली पुलिस ने मानसिक रूप से अस्वस्थ और गुमशुदा युवती को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाकर मानवता की मिसाल पेश की.
असहाय हालत में मिली युवती
19 फरवरी 2026 को नियमित पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस टीम को लेबर हाटमेंट क्षेत्र में एक युवती गंभीर हालत में मिली. युवती तेज बुखार से पीड़ित थी और मानसिक रूप से अस्वस्थ लग रही थी. स्थिति को देखते हुए पुलिस ने बिना देर किए उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका प्राथमिक इलाज कराया गया. युवती अपनी पहचान बताने की स्थिति में नहीं थी, जिससे उसकी जानकारी जुटाना चुनौतीपूर्ण हो गया.
पहचान के लिए शुरू हुई खोज
थाना प्रभारी प्रह्लाद कुमार साहू के निर्देश में पुलिस टीम ने युवती की पहचान के लिए व्यापक अभियान चलाया. स्थानीय बाजारों, आसपास के थानों, अन्य जिलों और सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी जुटाई गई. लगातार प्रयासों के बाद युवती की पहचान बसंती निषाद के रूप में हुई, जो जगदलपुर के ननगूर क्षेत्र की रहने वाली है.
परिवार तक सुरक्षित पहुंचाया
परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे बचेली नहीं आ सके. ऐसे में पुलिस ने खुद ही युवती को उसके घर पहुंचाने का निर्णय लिया. इस कार्य में NMDC बचेली के अधिकारी सौरभ कुमार ने वाहन की व्यवस्था कर सहयोग दिया. पुलिस टीम ने बसंती को सुरक्षित उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया. अपनी बेटी को सकुशल पाकर परिवार की खुशी और राहत साफ झलक रही थी.
पुलिस ने केवल अपना कर्तव्य ही नहीं निभाया, बल्कि मानवता और संवेदनशीलता का भी परिचय दिया. यह घटना समाज में पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत करती है.
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