Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
ED Officers SC ST Act Case Ranchi: हाईकोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए मांगा समय, 2 नवंबर को होगी अगल... Jharkhand Food Department Guidelines: अवैध एलपीजी उपयोग रोकने के लिए जिला प्रशासन और तेल कंपनियों मे... Charged for Impact Event Dhanbad: इंडस्ट्री और एकेडमिक सहयोग पर विशेष चर्चा, कई दिग्गज हुए शामिल 174 यात्रियों की जान बचाने वाले जांबाज कैप्टन: स्मित मछार को 'गुजरात गरिमा पुरस्कार' से नवाजेगी सरका... Ranchi News: नामकुम में स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम, मंत्री योगेंद्र प्रसाद ... चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका: संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं पर उठे... Dhamtari Snake Bite News: घर में सो रही मां और मासूम बेटी को करैत सांप ने डसा, डेढ़ साल की बच्ची की द... INDIA गठबंधन के साथ हैं, लेकिन राहुल गांधी की पीएम उम्मीदवारी पर साधी चुप्पी: मध्यावधि चुनाव के संके... CGPSC and UPSC Success Story: कैंसर को मात देकर अधिकारी बने संजय डहरिया की कहानी से युवाओं को मिली प... Chhattisgrah Politics Update: विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही यात्रा, 7 अक्टूबर को पहुंचेगी...

Ludhiana News: लुधियाना के छात्र ने ICC T-20 World Cup में रचा इतिहास, स्कूल और शहर का नाम किया रोशन

28

लुधियाना: गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल, पीएयू, लुधियाना के लिए यह अत्यंत गर्व का क्षण है कि पूर्व छात्र शेर बहादुर मल्ला ने नेपाल का प्रतिनिधित्व करते हुए आईसीसी टी-20 अंतरराष्ट्रीय वर्ल्ड कप 2026 में भाग लिया है। साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मंच तक पहुंचने की उनकी प्रेरणादायक यात्रा युवा खिलाड़ियों के लिए मिसाल बन गई है।

शेर बहादुर मल्ला ने 6वीं से 10वीं कक्षा तक की पढ़ाई गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल, पीएयू, लुधियाना में की। अपने स्कूली दिनों में उन्होंने लगातार उत्कृष्ट क्रिकेट प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने तीन बार राज्य स्तरीय अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 टूर्नामेंट में स्कूल का प्रतिनिधित्व किया तथा स्कूल नेशनल क्रिकेट कैंप में भाग लेने का गौरव भी प्राप्त किया।

संघर्षपूर्ण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले शेर के पिता एक स्थानीय शॉपिंग मॉल में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत हैं। उनकी सफलता उनके कठिन परिश्रम, समर्पण और अनुशासन का प्रमाण है। पढ़ाई में वे औसत छात्र थे, लेकिन कक्षा और मैदान दोनों जगह उनकी ईमानदारी, एकाग्रता और प्रतिबद्धता के लिए वे जाने जाते थे।

शेर ने 6वीं कक्षा से अपने स्कूल कोच अनिल कुमार के मार्गदर्शन में औपचारिक क्रिकेट प्रशिक्षण शुरू किया और 10वीं कक्षा तक कठोर अभ्यास जारी रखा। कोच अनिल कुमार ने उन्हें सभी प्रमुख स्कूल स्तरीय टूर्नामेंटों में प्रशिक्षित किया और उनके क्रिकेट करियर को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज भी अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल करने के बावजूद शेर अपने बचपन के कोच से जुड़े हुए हैं और नियमित रूप से उनसे सलाह लेते हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.