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Jharkhand News: झारखंड में श्राद्ध कार्यक्रम से 10 आदिवासी बच्चे लापता, इलाके में हड़कंप; पुलिस तलाश में जुटी

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झारखंड के कोडरमा जिले से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है. यहां बिरहोर समुदाय के 10 आदिवासी बच्चे पिछले एक सप्ताह से लापता हैं. ये सभी बच्चे विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) से ताल्लुक रखते हैं. 31 जनवरी से गायब इन बच्चों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला जयनगर थाना क्षेत्र के खारियोडीह पंचायत स्थित गदियाई बिरहोर टोला का है. बताया जा रहा है कि 31 जनवरी को गांव के करीब 60 से 70 लोग लगभग 15 किलोमीटर दूर परसाबाद में एक श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने गए थे. इन्हीं लोगों के साथ ये 10 बच्चे भी गए थे. कार्यक्रम खत्म होने के बाद गांव के बाकी लोग तो लौट आए, लेकिन ये बच्चे घर वापस नहीं पहुंचे.

मानव तस्करी की आशंका या कुछ और?

परिजनों ने काफी समय तक अपने स्तर पर बच्चों की तलाश की. रिश्तेदारों और आसपास के गांवों में छानबीन करने के बाद जब सफलता नहीं मिली, तब पुलिस को सूचित किया गया. एक साथ 10 बच्चों का गायब होना कई तरह के गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता इसे मानव तस्करी के कोण से भी देख रहे हैं, हालांकि पुलिस अभी किसी भी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है.

CCTV फुटेज और सर्विलांस का सहारा ले रही पुलिस

मामले की गंभीरता को देखते हुए जयनगर पुलिस और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है. डीएसपी (ट्रेनी) दिवाकर कुमार ने बताया कि पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं. उन्होंने कहा, “हम परसाबाद और उसके आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहे हैं. पुलिस की टीमें आसपास के जिलों और थानों से भी संपर्क में हैं. रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या बच्चों को किसी वाहन के जरिए जिले से बाहर ले जाया गया है.

परिजनों की बढ़ती बेचैनी

बिरहोर टोला के निवासियों में डर का माहौल है. परिजनों का कहना है कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक पारिवारिक कार्यक्रम में गए बच्चे इस तरह गायब हो जाएंगे. जयनगर थाना प्रभारी उमा नाथ सिंह ने आश्वासन दिया है कि पुलिस बच्चों को सुरक्षित वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है.

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