भोपाल: मध्य प्रदेश में भारतीय वन सेवा के एक युवा अधिकारी ने अपनी सेवाएं छोड़ने का निर्णय लिया है. 2013 बैच के आईएफएस अधिकारी विपिन पटेल ने इस संबंध में बिना शर्त अपना इस्तीफा प्रधान मुख्य वन संरक्षक और वन बल प्रमुख मध्य प्रदेश को सौंप दिया है. वे अभी जबलपुर में संभागीय वन अधिकारी वर्किंग प्लान के पद पर पदस्थ थे. इसकी वजह प्रशासनिक स्तर पर चल रही खींचतान को बताया जा रहा है. हालांकि वन बल प्रमुख बीएन अंवाड़े का कहना है कि इस्तीफे की वजह जानने के लिए सीसीएफ को विपिन पटेल से बात करने के लिए कहा है.
NOC को लेकर अधिकारियों से बिगड़ी बात
2013 बैच के आईएफएस अधिकारी विपिन पटेल जबलपुर में पदस्थ होने के पहले अनूपपुर में डीएफओ पदस्थ रहे हैं. अनूपपुर में उन्होंने अनिल कुमार अग्रवाल और आकाश साहू की पीलिंग लेथमशीन यानी विनियम मशीन लगाने की एनओसी को निरस्त कर दिया था. इसके बाद से तत्कालीन पीसीसीएफ संरक्षण मनोज अग्रवाल से उनकी ठन गई थी. अनापत्ति निरस्त करने के बाद मनोज अग्रवाल ने विनियर मशीन की एनओसी निरस्त किए जाने को नियम विरूद्ध बताते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा था.
बाद में आईएफएस विपिन पटेल ने अपना जवाब दिया, लेकिन इसके बाद से आला अधिकारियों के साथ उनकी पटरी फिट नहीं बैठ सकी. उनके इस्तीफे को छोड़ने के संबंध में विपिन पटेल से उनके मोबाइल पर कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी.

एसोसिएशन के ग्रुप पर भेजा था इस्तीफा
आईएएफ विपिन पटेल ने विभाग को इस्तीफा भेजने के साथ ही इसकी कॉपी आईएफएस एसोसिएशन के व्हाट्सअप ग्रुप पर भी पोस्ट किया था. इसके साथ ही उन्होंने लिखा था कि रीवा, दमोह, सतना और अनूपपुर में डीएफओ के रूप में मेरे कार्यकाल के दौरान मार्गदर्शन और समर्थन के लिए सभी का धन्यवाद, लेकिन अब सेवा छोड़ने का समय आ गया है. हालांकि इसके बाद एक सीनियर अधिकारी ने लिखा कि आपको सिर्फ 12 साल हुए हैं, इसलिए मैं आपको इतनी जल्दी इस्तीफे की सलाह नहीं दे सकता.
अपने इस्तीफे में उन्होंने लिखा है कि मेरे इस्तीफे को जिम्मेदार अथॉरिटी के पास पहुंचाएं और आईएफएस के सदस्य के रूप में मुझे मुक्त करें. उन्होंने इसकी एक कॉपी फॉरेस्ट सेक्रेटरी को भी भेजी है.
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