Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Sugar Breath 4.0 Device Patent: सूश्रुत संहिता के सिद्धांत पर बनाई डिवाइस, 'Sugar Breath 4.0' से सेक... Asian Games 2026 Soft Tennis Medal: कौन हैं जय मीणा? जिन्होंने सॉफ्ट टेनिस में देश को दिलाया पहला ब्... Ramayan Movie Update: रणबीर कपूर और यश की ‘रामायण’ की शूटिंग से जुड़ा बड़ा खुलासा, जानें फिल्म के बा... Yूलिन चेन केस: भूकंप वैज्ञानिक यूलिन चेन की रिहाई के लिए व्हाइट हाउस ने दिया भरोसा, जानिए पूरा मामला Iran Hormuz Strait Proposal: होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए ईरान तैयार, अमेरिका के सामने रखी यह शर्... Apple M-Series Chip Desktops: भारत में आए नए Mac Mini और Mac Studio, शुरुआती कीमत ₹99,900 Indira Ekadashi Vrat 2026: पितरों की मुक्ति का महाव्रत है इंदिरा एकादशी, जानें पारण का समय और नियम Vande Bharat and Shatabdi Comparison: वंदे भारत और शताब्दी एक्सप्रेस में क्या है मुख्य अंतर? जानिए य... Gold Silver Price Update Punjab: सोना खरीदने वालों को राहत, चांदी के दामों में उछाल; जानें पंजाब में... Jalandhar Fake News Alert: न्यू शहीद बाबू लाभ सिंह नगर स्कूल में नहीं हुआ कोई किडनैपिंग का प्रयास; प...

बजट 2026 पर भड़के राकेश टिकैत: “यह किसानों-युवाओं के साथ धोखा है”, बीकेयू ने बताया ‘कॉरपोरेट का बजट

35

रायपुर: आम बजट 2026-27 को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. इसी कड़ी में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही ने बजट को जनविरोधी, किसान-विरोधी और युवाओं की उम्मीदों को तोड़ने वाला करार दिया. उन्होंने कहा कि यह बजट देश के किसान, बेरोज़गार युवा और आम मेहनतकश जनता को निराश करने वाला साबित हुआ.

”किसानों को फिर निराशा, पीएम किसान और MSP पर चुप्पी”

तेजराम विद्रोही ने कहा कि देश का किसान लगातार बढ़ती कृषि लागत, कम MSP, जल संकट और बाज़ार की अनिश्चितता से जूझ रहा है. इसके बावजूद पीएम किसान सम्मान निधि की राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई, जो किसानों के साथ सीधा अन्याय है. उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को उत्पादन लागत के अनुरूप MSP की कानूनी गारंटी देने से सरकार एक बार फिर पीछे हट गई है.

”सिंचाई, भंडारण और फसल बीमा सिर्फ कागज़ों तक सीमित”

किसान यूनियन ने बजट में सिंचाई, भंडारण, ग्रामीण मंडियों और फसल बीमा को लेकर की गई घोषणाओं को औपचारिक और खोखली बताया. विद्रोही ने कहा कि ज़मीनी स्तर पर किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस वित्तीय प्रावधान नजर नहीं आता है.

”बेरोज़गार युवाओं को सिर्फ भविष्य का सपना”

बजट में किए गए प्रावधानों पर हमला बोलते हुए विद्रोही ने कहा कि देश में बेरोज़गारी एक गंभीर संकट बन चुकी है, लेकिन प्रत्यक्ष रोजगार सृजन को लेकर बजट पूरी तरह विफल रहा. न तो सरकारी भर्तियों पर कोई स्पष्ट घोषणा हुई और न ही युवाओं के लिए कोई तत्काल रोजगार योजना लाई गई. उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के नाम पर युवाओं को भविष्य के भरोसे छोड़ दिया गया है, जबकि आज करोड़ों युवा नौकरी की तलाश में भटक रहे हैं.”महंगाई से त्रस्त

आम आदमी को कोई राहत नहीं”

तेजराम विद्रोही ने कहा, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, ईंधन और घरेलू खर्च से जूझ रहे आम नागरिक को बजट से कोई सीधी राहत नहीं मिली. मध्यम और निम्न आय वर्ग के लिए कर प्रणाली में वास्तविक राहत सीमित रही, वहीं सार्वजनिक स्वास्थ्य और शिक्षा पर खर्च भी उम्मीद से कम रखा गया.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.