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Chhatarpur Treasure: छतरपुर में मिला मुगलकालीन खजाना? आधी रात टॉर्च की रोशनी में खुदाई और सोने के सिक्कों का दावा!

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छतरपुर: प्राचीन राजगढ़ किले के पास बुधवार रात को मिट्टी में खुदाई के दौरान खजाना मिलने की खबर से इलाके में हड़कंप मच गया. जानकारी लगते ही आसपास के गांव सहित स्थानीय लोग राजगढ़ किले के पास पहुंचना शुरू हो गए और मिट्टी में खुदाई करने लगे. महिला, बुजुर्ग, जवान सभी आधी रात तक खुदाई करते रहे. कई लोगों ने सैकड़ों साल पुराने सोने के सिक्के मिलने का दावा भी किया है. उसके बाद से किले के पास पूरा गांव मौके पर पहुंच गया.

खजाना मिलने की खबर से मचा हड़कंप
छतरपुर जिले से 50 किलोमीटर दूर बुंदेलखंड के प्राचीन राजगढ़ किले के पास गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब मिट्टी की खुदाई के दौरान सड़क पर पुराना खजाना निकल आया. खजाने की खबर आग की तरह फैल गई. आधी रात को किले के पास ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया. चन्दनगर चौकी इलाके में 300 साल पुराना राजगढ़ गांव में किला बना है. जो इतिहासिक धरोहर के रूप में जाना जाता है. जो अब राजगढ़ पैलेस ने नाम से जाना जाता है. इसका इतिहास कई सदियों पुराना है और यह बुंदेला राजवंश की वास्तुकला का प्रतीक हुआ करता था.

बारिश से बही मिट्टी, दिखी चमकती चीज
राजगढ़ गांव के सरपंच अहिरवार रमेश प्रसाद बिल्ला बताते हैं, ”राजगढ किले के पास शंकर जी का स्वर्गेश्वर नाम का मंदिर है. यहां बसंत पंचमी पर मेला लगता है, तो रास्ते को सपाट करवाने के लिए मिट्टी डाली गई थी. पप्पू पाल की JCB मशीन से रास्ता प्लेन करवाया गया था. बीते दिन बारिश हुई थी, गांव की कुछ घोसी परिवार की महिलाये शौच के ये गई थीं, उसी दौरान उनको कुछ चमकता हुआ दिखा था. तो उसे उठाकर वो घर लेकर आ गई.

यह जानकारी गांव में आग की तरह फैल गई. जिसके बाद किले के पास आधीरात को गांव वालों की भीड़ लग गई और मिट्टी में खुदाई शुरू हो गई. जिसमें महिलायें, बच्चे, बुजुर्ग सभी सामिल थे.” गांव के सरपंच के अनुसार, कुछ लोगों को सोने के सैकड़ों साल पुराने सिक्के मिले हैं. जिसकी लिस्ट सरपंच ने बनाई है. जानकारी लगते ही स्थानीय चन्द्रनगर चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची थी.

सरपंच ने किया सिक्के मिलने का दावा
जब राजगढ़ गांव के सरपंच अहिरवार रमेश प्रसाद बिल्ला से बात की गई तो उन्होंने बताया, ”यह बात बिल्कुल सही है. गांव की कुछ महिलाओं को सिक्के मिले हैं. गांव के लोगों ने बताया जिसकी हम ने लिस्ट भी बनाई है. स्वर्गेश्वर मंदिर के रास्ते में नाली निर्माण के दौरान मिट्टी को सपाट किया जा रहा था. उसी मिट्टी में यह सिक्के निकले हैं, जो सैकड़ों साल पुराने बताए जा रहे हैं. जानकारी लगते ही गांव सहित चन्दनगर के लोग भी खुदाई करने पहुंच गए. अभी तक 15 लोगों को मिलने की जानकारी सामने आई है.”

पुलिस ने खजाना होने से किया इंकार
वहीं, जब मामले में बमीठा थाना प्रभारी आशुतोष श्रोती से बात की गई तो उन्होंने खजाना मिलने की बात की कोई पुष्टि नहीं की. उनका कहना है कि, ”जो वस्तु मिली है उसकी जांच की जा रही है.”महाराजा भवानी सिंह ने करवाया था किले का निर्माण
इस किले को बुंदेलखंड के शासकों द्वारा 17वीं-18वीं शताब्दी में बनवाया गया था. यह विभिन्न शासकों के अधीन कई बार पुनर्निर्माण और विस्तार का हिस्सा भी रहा. हाल ही में इसे एक फाइव-स्टार होटल में परिवर्तित कर दिया गया है और इसे ओबेरॉय राजगढ़ पैलेस के नाम से जाना जाता है. इस का निर्माण छतरपुर के महाराजा भवानी सिंह ने करवाया था. यह करीब 7.20 एकड़ में बना है.

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