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Kozhikode Suicide Case: 48 घंटे में 20 लाख व्यूज और एक बेगुनाह की मौत; वीडियो वायरल करने वाली इन्फ्लुएंसर गिरफ्तार

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क्या एक वायरल वीडियो किसी की जान ले सकता है? मगर केरल के कोझिकोड में ऐसा सच में हुआ है. सोशल मीडिया पर एक महिला ने बस में दूसरे पैसेंजर का वीडियो बनाया. आरोप लगाया कि वो उसे बैड टच कर रहा था. 48 घंटे में ये वीडियो खूब वायरल हो गया. 20 लाख से ज्यादा लोगों ने इसे देखा. उस शख्स ने भी जब ये वीडियो देखा तो वो भौचक्का रह गया. हालांकि, वीडियो में ऐसा कहीं नजर नहीं आ रहा था कि वो उसे गंदे तरीके से टच कर रहा है. मगर बदनामी के डर से शख्स ने सुसाइड कर लिया. अब उस आरोपी महिला को अरेस्ट कर लिया गया है.

पुलिस ने अब शिमजिथा मुस्तफा नाम की महिला जो कि सोशल मीडिया इंफ्लुएंस है, उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया है, जिसने 42 वर्षीय यू. दीपक पर यौन उत्पीड़न का झूठा आरोप लगाकर उनका ‘पब्लिक ट्रायल’ किया था.

20 लाख व्यूज और एक जिंदगी का अंत

यह पूरी घटना तब शुरू हुई जब शिमजिथा ने एक निजी बस में सफर के दौरान दीपक का वीडियो बनाया और उन पर यौन दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया. महज 48 घंटों में उस वीडियो को 20 लाख से ज्यादा बार देखा गया. देखते ही देखते दीपक को ऑनलाइन दुनिया में ‘अपराधी’ घोषित कर दिया गया. बिना किसी जांच या सच्चाई जाने, लोगों ने दीपक को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया. इस सार्वजनिक अपमान और बदनामी के बोझ को दीपक सहन नहीं कर पाए और उन्होंने अपने बेडरूम में फांसी लगाकर जान दे दी.

CCTV ने खोला झूठ का पुलिंदा

दीपक की मौत के बाद जब पुलिस ने बस के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले और बस स्टाफ के बयान लिए, तो सच्चाई जानकर हर कोई दंग रह गया. फुटेज में उत्पीड़न की कोई भी गतिविधि नजर नहीं आई. बस कर्मचारियों ने भी शिमजिथा के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया. पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि शिमजिथा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बजाय सीधे वीडियो वायरल कर दिया था, जो उसकी दुर्भावना या जल्दबाजी को दर्शाता है.

गिरफ्तारी और कानूनी शिकंजा

दीपक के माता-पिता की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के बाद शिमजिथा फरार चल रही थी. उसने अपना मोबाइल बंद कर दिया था और अग्रिम जमानत की कोशिश में थी. पुलिस को अंदेशा था कि वह विदेश भाग सकती है, इसलिए उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया था. बुधवार को पुलिस ने उसे दबोच लिया. अब उसके डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या यह कोई सोची-समझी साजिश थी.

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