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योगी प्रशासन से भिड़े शंकराचार्य! संगम स्नान से रोकने पर शुरू किया आमरण अनशन; लगाए प्रताड़ना के गंभीर आरोप

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ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का अनशन लगातार जारी हैं. स्वामी रविवार दोपहर से ही अनशन पर बैठे हैं, शंकराचार्य ने पूरी तरह से अन्न-जल छोड़ रखा है और वह धरने पर बैठे हैं. शंकराचार्य की मांग है कि प्रशासन प्रोटोकॉल के साथ उन्हें ले जाकर गंगा स्नान कराए.

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के कहने पर मेरे साथ ये बर्ताव किया गया ताकि वो हमें सबक सिखा सकें. शंकराचार्य ने सतुआ बाबा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनसे विवाद के बाद दूसरे संत को पूरी वीआईपी व्यवस्था के साथ स्नान कराया गया जो दोहरा चरित्र हैं.

बता दें, शंकराचार्य और प्रशासन के बीच हुए बवाल के बाद सतुआ बाबा सैकड़ों की संख्या में अपने समर्थकों के साथ मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए पहुंचे थे और प्रशासन ने उन्हें पूरी वीआईपी व्यवस्था के साथ गंगा स्नान कराया था. लेकिन शंकराचार्य रोक दिया था और उनके समर्थकों के साथ मारपीट की.

शंकराचार्य ने लगाए बड़े आरोप

शंकराचार्य ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि कल उनकी हत्या करने की साजिश थी. शंकराचार्य ने बैरिकेडिंग तोड़े जाने वाले आरोप पर कहा कि उनके लोगों ने बैरियर नही तोड़ा था बल्कि वह वहां मौजूद पुलिस कर्मियों से बात करने गए थे, जबकि सीसीटीवी में दिखाई दे रहा हैं कि उनके समर्थक बैरियर को तोड़ते हुए आगे बढ़ रहे हैं.

क्यों हुआ शंकराचार्य के साथ प्रशासन का विवाद?

बता दें, कि कल मौनी अमावस्या पर पालकी और भक्तों के साथ स्नान की अनुमति न दिए जाने को लेकर शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद था. जिसके बाद शंकराचार्य के शिष्यों और भक्तों के साथ पुलिस की धक्का मुक्की भी हुई.

संगम नोज पर भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने शंकराचार्य से कम संख्या में पैदल जाकर स्नान करने की पेशकश की थी. प्रशासन से बात न बनने के चलते संगम नोज वॉच टावर के पास जमकर हंगामा हो गया. इसके बाद शंकराचार्य को पुलिस प्रशासन ने बैरंग वापस लौटा दिया था. वापस लौटाए जाने के बाद से ही शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने शिविर में अनशन पर बैठे हैं. माघ मेले में गंगा नदी के उस पार सेक्टर चार में त्रिवेणी रोड पर स्थित है ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का शिविर हैं.

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