दिल्ली की वर्दी और झज्जर का आईकार्ड! टैक्सी ड्राइवर बना ‘फर्जी पुलिसवाला’, रौब दिखाने के चक्कर में ऐसे चढ़ा असली पुलिस के हत्थे
गुड़गांव: टोल टैक्स बचाने, होटल में ठहरने, व रौब जमाने के लिए बने फर्जी पुलिस अधिकारी को यहां पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी से उप-निरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) पद की एक पुलिस की वर्दी, एसपीओ पद का फर्जी पहचान पत्र, एक पैन कार्ड व एक आधार कार्ड बरामद किया है।
जानकारी अनुसार 17 जनवरी शनिवार को शुभम होटल के मैनेजर की ओर से सिविल लाइन पुलिस थाना में एक शिकायत दी गई थी। शिकायत में कहा गया कि एक व्यक्ति हरियाणा पुलिस के उप-निरीक्षक (एसआई) की वर्दी पहनकर होटल के रिसेप्शन पर आया और ठहरने के लिए कमरा लिया। होटल स्टाफ द्वारा पहचान-पत्र मांगे जाने पर उस व्यक्ति ने आधार कार्ड दिखाया। कुछ समय बाद वह दोबारा होटल में आया और कमरे के संबंध में अनावश्यक पूछताछ करने लगा। जिससे उस पर शक हुआ। मैनेजर द्वारा पूछताछ करने पर वह व्यक्ति घबरा गया और उसने भागने का प्रयास किया। होटल स्टाफ की सहायता से उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया और फर्जी पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार किया।
आरोपी की पहचान मुकेश कुमार (34) निवासी जिला झज्जर के रूप के हुई है। आरोपी खाटू (राजस्थान) में किराए पर ई-रिक्शा चलाता है। झज्जर से खाटू उसका आना-जाना रहता है। इस दौरान इसे बार-बार टोल टैक्स देना पड़ता था। टोल टैक्स से बचने एवं आमजन में पुलिस अधिकारी का झूठा प्रभाव दिखाने के लिए उसने झज्जर में किसी व्यक्ति से 500 रुपये में एसपीओ (स्पेशल पुलिस ऑफिसर) का एक आई कार्ड बनवाया। झड़ौदा कलां दिल्ली से उसने 2200 रुपयों में हरियाणा पुलिस के उप-निरीक्षक की पुलिस वर्दी सिलवाई। रविवार को आरोपी को अदालत में पेश करके रिमांड पर लिया गया।
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